Bollywood Struggle Story, : टैक्सी बेचकर बनाई फिल्म, प्रेम चोपड़ा को दिया ब्रेक, जब बड़े धोखे से टूट गया था सिनेमा जगत के 'सरदार' का दिल

तीन टैक्सियां बेचकर बनाई फिल्म, सुपरहिट के बावजूद झेली आर्थिक तंगी
टैक्सी बेचकर बनाई फिल्म, प्रेम चोपड़ा को दिया ब्रेक, जब बड़े धोखे से टूट गया था सिनेमा जगत के 'सरदार' का दिल

मुंबई: सिनेमा जगत में कई सितारों की जिंदगी संघर्ष और सफलता की मिसाल होती है, लेकिन कुछ कहानियां दिल को छू जाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक और कड़वी कहानी है निर्माता सरदार सिंह सूरी की, जिन्होंने अभिनेता प्रेम चोपड़ा को पहला बड़ा ब्रेक दिया। टैक्सी ड्राइवर से फिल्म निर्माता बनने तक का उनका सफर मेहनत, जज्बे और बलिदान से भरा है। अपनी तीन टैक्सियां बेचकर उन्होंने फिल्म “ए धरती पंजाब दी” बनाई, जो सुपरहिट रही और 9 अवॉर्ड जीती। फिर भी सफलता के बाद भी उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। सरदार सिंह सूरी की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

9 अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म बनाने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण वह अवॉर्ड फंक्शन का टिकट भी नहीं खरीद पाए थे। सरदार सिंह सूरी मूल रूप से रावलपिंडी के रहने वाले थे। देश के बंटवारे के बाद वे पहले पंजाब और फिर मुंबई आ गए। यहां उन्होंने टैक्सी चलाकर अपनी जिंदगी शुरू की। कड़ी मेहनत से उन्होंने एक टैक्सी को तीन टैक्सियों में बदल लिया। लेकिन उनका सपना कुछ बड़ा करने का था। फिल्म निर्माण का शौक उन्हें हमेशा खींचता रहा। अपने सपने को पूरा करने के लिए सरदार सिंह सूरी ने अपनी तीनों टैक्सियां बेच दीं और उसी पैसे से पंजाबी फिल्म “ए धरती पंजाब दी” का निर्माण किया।

यह फिल्म प्रेम चोपड़ा की बतौर हीरो पहली फिल्म थी। फिल्म में प्रेम चोपड़ा ने मुख्य भूमिका निभाई और इसने उन्हें पहली बड़ी पहचान दिलाई। फिल्म सुपरहिट रही और इसे कुल 9 अवॉर्ड भी मिले। लेकिन सफलता के पीछे एक दर्दनाक सच्चाई भी थी। फिल्म की कमाई में उनके एक पार्टनर ने धोखाधड़ी कर दी, जिसके कारण सरदार सिंह सूरी को उनका उचित हिस्सा नहीं मिला। आर्थिक संकट इतना गहरा था कि फिल्म को 9 अवॉर्ड मिलने के बावजूद वह अवॉर्ड समारोह में जाने के लिए टिकट तक नहीं खरीद पाए।

इस घटना के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली। प्रेम चोपड़ा ने हाल ही में सरदार सिंह सूरी की पुण्यतिथि पर मुंबई के चार बंगला गुरुद्वारा साहिब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावुक होकर कहा, “सरदार सूरी साहब को मैं कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने मुझे मेरी पहली बड़ी ब्रेक दी। वो सिर्फ निर्माता नहीं, बल्कि एक बहुत नेक और सच्चे इंसान थे। सूरी साहब का जीवन संघर्ष, सादगी और मेहनत की बेहतरीन मिसाल है। उनका सफर आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

प्रेम चोपड़ा ने याद करते हुए बताया कि उस समय फिल्मों का बजट बहुत कम होता था और कलाकारों को भी कम पैसे मिलते थे, लेकिन फिल्म बनाना और काम करना बहुत मजेदार था। उन्होंने कहा, “इतने साल बाद जब इस फिल्म का गाना सुना तो सारी यादें ताजा हो गईं।”

सरदार सिंह सूरी सिर्फ फिल्म निर्माता नहीं थे। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने मुंबई के चार बंगला गुरुद्वारा साहिब के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो आज भी सिख समुदाय के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

--आईएएनएस

 

 

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