Sanjay Kapoor Estate : रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई टली, 28 जनवरी को अगली तारीख

संजय कपूर की पारिवारिक संपत्ति विवाद में सुनवाई अब 28 जनवरी को होगी।
संजय कपूर संपत्ति विवाद: रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई टली, 28 जनवरी को अगली तारीख

नई दिल्ली: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई फिलहाल टल गई है। अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को करेगी।

दिल्ली हाई कोर्ट में रानी कपूर की याचिका पर निर्धारित सुनवाई को टालते हुए अदालत ने अगली तारीख 28 जनवरी तय की है। रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि जिस फैमिली ट्रस्ट के जरिए संपत्तियों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जा रहा है, उसे अवैध और अमान्य घोषित किया जाए। उनका आरोप है कि इस ट्रस्ट का इस्तेमाल उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को गैर-कानूनी तरीके से हथियाने के लिए किया गया है।

याचिका में रानी कपूर ने दावा किया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनकी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को इस ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मिलकर गैर-कानूनी तरीके से इस ट्रस्ट का गठन किया ताकि उनकी संपत्ति पर नियंत्रण हासिल किया जा सके।

उनका कहना है कि उन्हें इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी अपने बेटे संजय कपूर के निधन के बाद मिली। संजय कपूर का निधन 12 जून 2025 को हुआ था। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनकी संपत्तियों से जुड़े अहम फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए जा चुके हैं। धीरे-धीरे उनकी संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट के तहत डाल दिया गया, जिससे उन्हें पारिवारिक संपत्ति से बाहर कर दिया गया।

रानी कपूर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि संजय कपूर के निधन के तुरंत बाद उनकी बहू प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में अहम पद संभाल लिए। इन नियुक्तियों और फैसलों में उनसे न तो सलाह ली गई और न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई। उनको कंपनी से जुड़ी सूचनाओं से दूर रखा गया और उनके संपर्क माध्यमों तक पहुंच सीमित कर दी गई।

रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि फैमिली ट्रस्ट को अवैध घोषित कर उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत उन्हें वापस सौंपी जाए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक ट्रस्ट के जरिए किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगाई जाए।

--आईएएनएस

 

 

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