Ritesh Pandey Resignation : भोजपुरी अभिनेता रितेश पांडेय ने जनसुराज से दिया इस्तीफा, बोले-दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल

रितेश पांडेय ने बताया, राजनीति में सक्रिय रहना चुनौतीपूर्ण, जन सुराज पार्टी से इस्तीफा
भोजपुरी अभिनेता रितेश पांडेय ने जनसुराज से दिया इस्तीफा, बोले-दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल

पटना: बिहार में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के पहले कई भोजपुरी कलाकार राजनीति में हाथ आजमाने के लिए विभिन्न दलों में शामिल हुए थे, लेकिन अब उनका राजनीति से मोहभंग हो रहा है। भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के बाद सोमवार को रितेश पांडेय ने भी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

रितेश पांडेय ने कहा कि किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है। भोजपुरी सिनेमा के गायक और अभिनेता रितेश पांडेय ने सोमवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने लिखा, "एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोकतंत्र के महापर्व में भाग लिया, परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्योंकि मैंने अपना काम ईमानदारी से किया।"

उन्होंने आगे लिखा कि खैर- अब उसी काम के माध्यम से आप सभी की सेवा जारी रखनी है, जिससे आप लोगों ने मुझ जैसे एक मामूली किसान परिवार के लड़के को इतना प्यार, दुलार और सम्मान देकर यहाँ तक पहुंचाया। इसमें किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है, इसलिए आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है। उम्मीद है आप लोग समझेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रितेश पांडेय प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें करगहर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

इससे पहले शनिवार को भोजपुरी के चर्चित गायक खेसारी लाल यादव ने कहा था कि मुझे लगता है कि सच बोलने वाला राजनीति में बहुत ऊपर तक नहीं जा सकता। सच बोलने से समस्या है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं एक कलाकार ही सही हूं। हम लोगों के लिए राजनीति सही नहीं है। राजनीति में सच बोलने से समस्या है। मुझे लगता है कि यहां जो सच बोलेगा वह राजनीति में बहुत आगे तक नहीं जाएगा। यहां सिर्फ झूठे वादे करना है। अगर यह करना आता है, तब ही आप राजनीति में आइए। दुनिया को बेवकूफ बनाना है, तब आइए।"

--आईएएनएस

 

 

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