मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। विदेशों के साथ ही भारत में 29 मई को रिलीज हुई हॉलीवुड मूवी ऑब्सेशन की जमकर तारीफ हो रही है। कम बजट में बनी फिल्म की बड़ी सफलता पर फिल्म निर्माता- निर्देशक राम गोपाल वर्मा (आरजीवी) ने जमकर सराहना की है। उनका मानना है कि यह फिल्म मौजूदा फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक है, जहां अक्सर बड़े सितारों, भारी-भरकम बजट, रीमेक और भव्य प्रस्तुतियों पर अधिक जोर दिया जाता है।
आरजीवी के अनुसार, ‘ऑब्सेशन’ यह साबित करती है कि किसी फिल्म की सफलता केवल उसके बजट या स्टारकास्ट पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी कहानी कहने की शैली, निर्देशन और तकनीकी प्रस्तुति अधिक महत्वपूर्ण होती है।
राम गोपाल वर्मा ने कहा कि ‘ऑब्सेशन’ का सबसे बड़ा संदेश यह है कि फिल्म निर्माण में यह मायने नहीं रखता कि क्या शूट किया जा रहा है, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि उसे किस तरह फिल्माया और प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेहद सीमित संसाधनों में बनी इस फिल्म ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।
आरजीवी के मुताबिक, फिल्म का बजट बड़े सितारों की टीम पर होने वाले खर्च से भी कम था। फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से दो कमरों, एक कार और एक छोटी दुकान जैसी सीमित लोकेशनों पर की गई। इसके बावजूद फिल्म ने वैश्विक स्तर पर शानदार कमाई की और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने कहा कि कम लागत में बनी इस फिल्म की सफलता यह साबित करती है कि अच्छी सोच और मजबूत क्रिएटिव विजन किसी भी बड़े बजट से अधिक प्रभावी हो सकता है।
उन्होंने फिल्म के निर्देशक करी बार्कर की भी प्रशंसा की। आरजीवी का कहना है कि बार्कर ने सीमित स्थानों का उपयोग किसी मजबूरी के कारण नहीं किया, बल्कि दर्शकों को कहानी और किरदारों के अनुभव के करीब लाने के लिए यह तरीका अपनाया। फिल्म की एडिटिंग और साउंड डिजाइन को भी उन्होंने इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार, तेज कट, प्रभावशाली ध्वनि और लंबे शॉट्स ने दर्शकों में ऐसा तनाव पैदा किया, जिससे वे कहानी से लगातार जुड़े रहे।
राम गोपाल ने कहा कि ‘ऑब्सेशन’ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह दर्शकों को केवल घटनाएं दिखाने के बजाय भावनाओं को महसूस कराती है। फिल्म अकेलेपन, इच्छाओं और मानसिक संघर्ष जैसे विषयों को बेहद प्रभावशाली तरीके से सामने लाती है। यही कारण है कि यह दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ती है।
उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े निर्माताओं और निर्देशकों को सलाह दी कि वे बड़े सेट, विदेशी लोकेशन और अत्यधिक विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत कहानी, प्रभावी अभिनय, रचनात्मक एडिटिंग और बेहतर साउंड डिजाइन पर ध्यान दें। उनका मानना है कि कम बजट को बाधा नहीं बल्कि रचनात्मक स्वतंत्रता के रूप में देखा जाना चाहिए।
आरजीवी ने कहा कि ‘ऑब्सेशन’ यह याद दिलाती है कि सिनेमा की असली ताकत भावनात्मक सच्चाई और मनोवैज्ञानिक गहराई में होती है। उनके अनुसार, यह फिल्म उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है जो मानते हैं कि केवल बड़े बजट और बड़े सितारे ही सफलता की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर्स का लक्ष्य सिर्फ बड़ी फिल्में बनाना नहीं, बल्कि बेहतर और यादगार फिल्में बनाना होना चाहिए।