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राम कपूर बर्थडे : एक्टिंग के लिए पिता से बिगाड़े रिश्ते, अमेरिका में खर्च चलाने के लिए बेची सेकेंड हैंड गाड़ियां

राम

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। राम कपूर आज टीवी और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने कभी पति, कभी पिता तो कभी सख्त अधिकारी जैसे कई किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। खासकर 'बड़े अच्छे लगते हैं' में साक्षी तंवर के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी कहानी उतनी आसान नहीं थी, जितनी पर्दे पर नजर आती है।

एक समय ऐसा भी था, जब अपने मन का करियर चुनने की कीमत राम कपूर को परिवार की नाराजगी के रूप में चुकानी पड़ी। जिस परिवार के पास पैसों की कमी नहीं थी, उसी परिवार से अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्हें आर्थिक मदद मिलनी बंद हो गई। इसके बाद राम ने खुद अपना खर्च उठाया और छोटे-मोटे काम तक किए।

राम कपूर का जन्म 1 सितंबर 1973 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता अनिल कपूर विज्ञापन की दुनिया से जुड़े जाने-माने व्यक्ति थे। राम का बचपन एक ऐसे परिवार में बीता, जहां अच्छी शिक्षा और करियर को लेकर कई उम्मीदें थीं। लेकिन, राम का मन शुरू से ही एक्टिंग की तरफ था। स्कूल के दिनों में थिएटर से उनका जुड़ाव हुआ और यहीं से उन्होंने तय कर लिया कि वह अभिनय की दुनिया में करियर बनाएंगे।

राम कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था, ''जब मैंने एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला लिया, तो मेरे पिता इस फैसले से खुश नहीं थे। वह चाहते थे कि मैं पढ़ाई पूरी करके एक सुरक्षित करियर चुनूं। लेकिन, मैं अपने फैसले पर अड़ा रहा। मैं एक्टिंग सीखने के लिए अमेरिका गया और ट्रेनिंग ली। मैं शुरुआत में फिल्ममेकिंग पढ़ने के इरादे से अमेरिका गया था, लेकिन एक्टिंग की दुनिया ने मेरा रास्ता बदल दिया।''

अमेरिका में पढ़ाई के दौरान राम कपूर के लिए मुश्किलें तब बढ़ गईं, जब उनके पिता ने आर्थिक मदद भेजनी बंद कर दी। राम ने बताया कि पिता चाहते थे कि वह खुद अपने फैसले की जिम्मेदारी उठाएं। ऐसे में उन्होंने अमेरिका में सेकेंड-हैंड गाड़ियां खरीदने और बेचने जैसे काम किए। उन्होंने अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने की कोशिश की।

राम ने बताया था, ''पिता से रिश्ते भी इस फैसले की वजह से कई सालों के लिए खराब हो गए थे। हम दोनों के बीच करीब 10 साल तक दूरी रही। हालांकि, समय के साथ उन्हें मेरे फैसले पर भरोसा हुआ और बाद में हमारे रिश्ते काफी बेहतर हो गए। मैं अपने पिता की पहचान का फायदा उठाकर इंडस्ट्री में जगह नहीं बनाना चाहता था। मैं चाहता था कि लोग मुझे मेरे काम की वजह से पहचानें।''

अमेरिका से लौटने के बाद राम ने थिएटर और टीवी से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्हें छोटे किरदार मिले, लेकिन उन्होंने लगातार काम किया। टीवी पर 'न्याय', 'घर एक मंदिर', 'कविता' और 'कसम से' जैसे सीरियल्स ने उन्हें पहचान दिलाई। हालांकि उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ 'बड़े अच्छे लगते हैं' बना। 2011 में शुरू हुए इस शो में उन्होंने राम कपूर का ही किरदार निभाया। साक्षी तंवर के साथ उनकी जोड़ी घर-घर में पसंद की गई।

इस शो ने राम को टीवी के बड़े सितारों में शामिल कर दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी अपनी जगह बनाई। 'माय वाइफ्स मर्डर', 'उड़ान', 'हमशकल्स', 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर', 'लव स्टोरी 2050' और कई दूसरी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। बाद में उन्होंने ओटीटी पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई और 'द फैमिली मैन', 'अभय', 'सनफ्लावर' जैसे प्रोजेक्ट्स में अलग किरदार निभाए।

राम कपूर को उनके काम के लिए कई पुरस्कार और सम्मान भी मिले हैं। उन्हें इंडियन टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड्स, इंडियन टेली अवॉर्ड्स समेत कई टीवी पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 'बड़े अच्छे लगते हैं' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की कैटेगरी में कई पुरस्कार मिले।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम