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मोना सिंह ने करियर को लेकर खोले पत्ते, बोलीं- '90 प्रतिशत ऑफर्स को कहा ना, तब बदली किस्मत'

मोना सिंह ने अपने करियर के फैसलों पर खोले पर्दे, बताया- '90% ऑफर्स को कहा ना, तब बदली किस्मत'
मोना

मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। टीवी पर 'जस्सी जैसी कोई नहीं' की सीधी-सादी और आम लड़की से लेकर '3 इडियट्स', 'लाल सिंह चड्ढा', 'मेड इन हेवन' और 'कोहरा सीजन 2' जैसे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स तक अभिनेत्री मोना सिंह ने लगातार खुद को नए अंदाज में पेश किया है। उन्होंने समय के साथ अपने काम को लेकर ऐसे फैसले भी लिए, जिनकी वजह से उनकी करियर की दिशा बदली। अब अभिनेत्री ने अपने इस सफर पर खुलकर बात की है और बताया है कि उनके करियर को बनाने में इंडस्ट्री और उनके खुद के फैसलों की क्या भूमिका रही।

मोना सिंह ने कहा, ''किसी भी कलाकार का करियर सिर्फ इंडस्ट्री तय नहीं करती। इंडस्ट्री कलाकार को काम करने के लिए स्क्रिप्ट, प्लेटफॉर्म और मौके देती है, लेकिन उन मौकों में से क्या चुनना है और क्या छोड़ना है, यह फैसला कलाकार का अपना होता है। मेरे हिसाब से 40 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री का है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत मैं खुद तय करती हूं कि कौन से प्रोजेक्ट्स करने हैं और कौन से किरदार चुनने है। मेरे लिए सही प्रोजेक्ट चुनना उतना ही जरूरी रहा है, जितना किसी प्रोजेक्ट को हां कहना।''

अपने शुरुआती करियर को याद करते हुए मोना ने 'जस्सी' के दौर की बात की। उन्होंने कहा, ''उस समय मेरे आसपास कई ऐसे फैसले लिए जा रहे थे, जिनमें मेरी अपनी पसंद की भूमिका कम थी। 'जस्सी जैसी कोई नहीं' की सफलता के बाद दर्शकों के बीच मेरी एक खास छवि बन गई थी। लोग मुझे एक ऐसी लड़की के रूप में देखने लगे थे, जो बिल्कुल अपने घर या आसपास की आम लड़की जैसी लगती है। इसके बाद मुझे ज्यादातर ऐसे ही किरदार और शो ऑफर किए जा रहे थे। उस समय मेरे पास अपनी पहचान को एक अलग दिशा में ले जाने के लिए ज्यादा विकल्प नहीं थे।''

उन्होंने कहा, ''मेरे करियर में असली बदलाव तब आया, जब मैंने ऑफर्स को लेकर 'ना' कहना शुरू किया। मैंने करीब 90 प्रतिशत शो के ऑफर इसलिए छोड़ने शुरू किए, क्योंकि मैं सिर्फ लगातार काम करते रहने के बजाय ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहती थीं, जो मुझे कलाकार के तौर पर आगे ले जाए।''

मोना ने कहा, ''इसी सोच की वजह से मैंने 'मेड इन हेवन', 'लाल सिंह चड्ढा', 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' और हाल ही में 'कोहरा' जैसे प्रोजेक्ट्स का इंतजार किया। मेरे लिए हर काम को करना जरूरी नहीं था। मैं ऐसे किरदार चुनना चाहती थीं जिनमें मुझे कुछ नया करने का मौका मिले और जिन्हें दर्शक लंबे समय तक याद रख सकें।''

उन्होंने आगे कहा, ''करियर का पूरा ढांचा सिर्फ एक कलाकार अकेले नहीं बनाता। कलाकार अपने लिए एक रास्ता तैयार करता है, लेकिन इंडस्ट्री में उस समय के हालात भी उस रास्ते को प्रभावित करते हैं। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें एक तरफ कलाकार की अपनी सोच और दूसरी तरफ बाहर के हालात होते हैं।''

मोना सिंह ने 2003 में शुरू हुए टीवी शो 'जस्सी जैसी कोई नहीं' से पहचान बनाई थी। इसके बाद वह रियलिटी शो 'झलक दिखला जा' के पहले सीजन में नजर आईं। उन्होंने 'क्या हुआ तेरा वादा' जैसे टीवी शो में भी काम किया। बाद में 'प्यार को हो जाने दो' और 'कवच... काली शक्तियों से' जैसे शोज के जरिए उन्होंने टीवी पर अपनी पहचान को और मजबूत किया।

साल 2009 में मोना ने राजकुमार हिरानी की फिल्म '3 इडियट्स' से फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 'कहने को हमसफर हैं' और 'ये मेरी फैमिली' जैसे वेब प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। हाल ही में वह 'कोहरा सीजन 2' में भी नजर आईं।

--आईएएनएस

पीके/पीएम