नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित स्टैंड-अप कॉमेडी शो से जुड़े मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इस घटना को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने इस मामले में सामने आए वीडियो और कथित घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि शो के दौरान एक महिला के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार और बिना सहमति से जुड़े कथित प्रदर्शन को मंच पर मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिस पर बाद में चर्चा और प्रतिक्रिया भी सामने आई।
एनसीडब्ल्यू ने कहा कि किसी भी ऐसे व्यवहार को सामान्य बनाना या उसका महिमामंडन करना, जो महिलाओं की सहमति, गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, समाज पर गलत प्रभाव डालता है। आयोग ने साफ किया कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी है। इसमें यह जानकारी शामिल करने को कहा गया है कि क्या इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं।
इसके साथ ही आयोग ने यह भी पूछा है कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, वायरल वीडियो की जांच किस स्तर पर पहुंची है और आयोजन से जुड़े आयोजकों, कलाकारों के साथ ही वेन्यू मैनेजमेंट की क्या भूमिका रही है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि राज्य पुलिस इस बात की जानकारी दे कि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपमानजनक, हिंसक या आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मामले में आयोग ने प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को भी नोटिस जारी किया है। दोनों को 22 जून को शाम 4 बजे एनसीडब्ल्यू के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया है।
आयोग ने दोहराया है कि सहमति के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अपमान को मनोरंजन के रूप में पेश करना कानून और संविधान के खिलाफ है। आयोग ने कहा कि वह इस मामले पर लगातार नजर बनाए रखेगा और संबंधित अधिकारियों से जल्द और उचित कार्रवाई की उम्मीद करता है।