मुंबई, 18 जून (आईएएनएस)। डिजिटल दुनिया के बढ़ते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल के मुद्दे को लेकर अब अभिनेत्री प्रीति जिंटा बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने मेटा और गूगल जैसी बड़ी ऑनलाइन कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी अनुमति के बिना एआई की मदद से उनकी नकली तस्वीरें और कंटेंट बनाए गए और उन्हें इंटरनेट पर फैलाया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनकी पर्सनैलिटी राइट्स के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एआई से बना कंटेंट बड़े स्तर पर फैलाया गया, जिसे लोग असली मान सकते हैं और इससे गलतफहमी पैदा होती है।
अभिनेत्री ने कहा कि कॉपीराइट कानून 1957 के तहत उनके नैतिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। उनकी छवि और पहचान का उपयोग बिना अनुमति के किया गया, जो कानूनन गलत है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस अभय आहूजा की बेंच ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए उन्हें आगे मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है।
अदालत ने कहा की कि इस मामले में शामिल ऑनलाइन कंपनियों के ऑफिस कई अलग-अलग शहरों और देशों में मौजूद हैं। इसलिए मामले का कुछ हिस्सा अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी जा सकता है। लेकिन फिर भी कोर्ट इसे सुनकर पूरा फैसला करेगा।
पिछले कुछ सालों में एआई तकनीक के बढ़ने के साथ ही ऐसे मामलों में काफी तेजी आई है, जहां सेलेब्रिटीज की फर्जी तस्वीरें, वीडियो और आवाजों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस तरह के मामलों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे पहले भी अदालत का रुख कर चुके हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अर्जुन कपूर, वरुण धवन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, आर. माधवन, ऋतिक रोशन और विवेक ओबेरॉय शामिल हैं। इन सभी मामलों में अदालतों ने उनकी पहचान और छवि की सुरक्षा को मान्यता दी और उन्हें कानूनी संरक्षण दिया।