मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। एक्ट्रेस उपासना सिंह ने अपने बेटे नानक को हाल ही में गाने 'ओ जाना' में देखकर खुशी जाहिर की। उन्होंने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बेटे के एक्टिंग जर्नी, मेहनत, प्रतिभा और एक मां के रूप में अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों उन्हें हमेशा से लगता था कि नानक इसी फील्ड के लिए बना है।
आईएएनएस से बात करते हुए उपासना सिंह ने कहा, ''जब मैंने अपने बेटे नानक को पर्दे पर देखा तो वह पल मेरे लिए बेहद भावुक करने वाला था। एक मां के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती कि उसका बच्चा अपने सपनों की ओर बढ़े और उन्हें पूरा करने की कोशिश करे। जब नानक छोटा था, तभी से उसके अंदर अभिनय के प्रति रुचि दिखाई देती थी। वह अक्सर अभिनेता बनने की बात करता था और स्टेज पर परफॉर्म करने में दिलचस्पी दिखाता था। उस समय मुझे लगता था कि यह बच्चों की सामान्य इच्छाओं में से एक है, लेकिन समय के साथ एहसास हुआ कि नानक का सपना सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि उसका जुनून है।''
उन्होंने आगे कहा, ''जैसे-जैसे नानक बड़ा हुआ, उसकी मेहनत और समर्पण साफ दिखाई देने लगा। कॉलेज के दिनों में उसने कई ड्रामा में परफॉर्म किया और अपनी एक्टिंग से लोगों का ध्यान खींचा। उसे कई अवॉर्ड्स भी मिले। किसी भी फील्ड में सफलता केवल सपने देखने से नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है और नानक ने यह बात बहुत कम उम्र में समझ ली थी।''
अभिनेत्री ने कहा, "नानक के सफर को मैंने बहुत करीब से देखा है। वह पहले ही पंजाबी फिल्मों में काम कर चुका है और अब धीरे-धीरे अपने करियर में आगे बढ़ रहा है। एक मां के तौर पर जब मैं अपने बेटे को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते हुए देखती हूं, तो सच में बेहद खुशी होती है। हर मां चाहती है कि उसका बच्चा अपने सपनों को पूरा करे, और जब वह ऐसा करता है, तो उसकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।"
नए कलाकारों को सलाह देते हुए उपासना सिंह ने कहा, ''सफलता पाने का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। कलाकार को हर दिन कुछ नया सीखना चाहिए और अपने आसपास की दुनिया को बहुत ध्यान से देखना चाहिए। अभिनय केवल लाइन्स बोलने का नाम नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं, उनके व्यवहार और उनकी अभिव्यक्ति को समझना भी उतना ही जरूरी है। एक अच्छा अभिनेता वही होता है, जो लोगों को देखकर उनसे सीखता है। किसी का चलना, बोलना, हंसना या दुख व्यक्त करना भी कलाकार के लिए सीखने का जरिया बन सकता है।''
उपासना ने कहा, "मैंने कभी अपने बेटे को अभिनय सिखाने की कोशिश नहीं की। यह नानक के अंदर स्वाभाविक रूप से मौजूद है। कुछ लोगों के अंदर कला जन्मजात होती है, और नानक उन्हीं लोगों में से एक है। मैं हमेशा उसे यही सलाह देती हूं कि चाहे कितनी भी सफलता मिल जाए, सीखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।"
--आईएएनएस
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