Advertisement banner

एसजीबी 2019-20 सीरीज III का आज से रिडेम्पशन शुरू, चार गुना हुआ निवेश

एसजीबी

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। सॉवेरन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) 2019-20 सीरीज III के निवेशक सोमवार से प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से रिडेम्पशन प्राइस 15,310 रुपए प्रति यूनिट तय किया गया है, जो कि इसके इश्यू प्राइस 3,449 प्रति यूनिट से करीब 4 गुना ज्यादा है।

एसजीबी 2019-20 सीरीज III को 14 अगस्त, 2019 को जारी किया गया था। एसजीबी के एक यूनिट की वैल्यू करीब एक ग्राम होती है।

रिडेम्पशन की कीमत, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा पब्लिश किए गए 999-प्योरिटी वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज पर आधारित होती है। यह एवरेज रिडेम्पशन की तारीख से ठीक पहले के तीन कारोबारी दिनों के लिए निकाला जाता है। आरबीआई के एसजीबी नियमों के तहत, जारी होने की तारीख के पांच साल बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर प्रीमैच्योर (समय से पहले) रिडेम्पशन की सुविधा मिलती है।

एजीबी को नवंबर 2015 में केंद्र सरकार ने आरबीआई के साथ मिलकर शुरू किया था। इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाना था।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एजीबी को अब तक की सबसे अच्छी गोल्ड स्कीम में से एक माना जाता है। इसमें मूल निवेश पर 2.5 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज भी दिया जाता है। ब्याज की राशि सोने की कीमत में हुई वृद्धि से अलग होती है। इससे निवेशक अन्य गोल्ड स्कीमों की अपेक्षा बेहतर निवेश हासिल कर पाते हैं।

इस स्कीम में कैपिटल गेन भी टैक्स फ्री होता है। हालांकि, इसमें हाल ही बड़ा बदलाव किया गया है।

1 अप्रैल 2026 से, एसजीबी रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन्स छूट को सीमित कर दिया गया है। फाइनेंस बिल, 2026 में बताया गया है कि यह छूट तब मिलती है जब कोई व्यक्ति एसजीबी को ओरिजिनल इश्यू की तारीख से लेकर मैच्योरिटी तक लगातार अपने पास रखता है। सरकार के बजट 2026 के एफएक्यू में यह भी साफ किया गया है कि तय पांच साल के लॉक-इन पीरियड के बाद भी, समय से पहले रिडेम्पशन पर यह छूट नहीं मिलेगी।

--आईएएनएस

एबीएस