सरकार की पर्यटन योजनाओं से बदली देश की तस्वीर, टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर हजारों करोड़ रुपए का निवेश

सरकार की पर्यटन योजनाओं से बदली देश की तस्वीर, टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर हजारों करोड़ रुपए का निवेश

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की प्रमुख पर्यटन योजनाओं ने देशभर में पर्यटन बुनियादी ढांचे को नई मजबूती दी है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 76 परियोजनाएं और प्रसाद (पीआरएएसएचएडी) योजना के तहत 54 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी कुल लागत 1,700 करोड़ रुपए से अधिक है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान साझा की गई है।

देश में पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के पहले चरण के तहत 15 पर्यटन सर्किटों में 5,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है।

इनमें से 75 परियोजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं, जिससे पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार हुआ है, कनेक्टिविटी बेहतर बनी है और पर्यटन सहायता से जुड़ा ढांचा मजबूत हुआ है।

तीर्थ स्थलों के विकास के लिए चलाई जा रही प्रसाद योजना के तहत 1,700 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

बयान में आगे कहा गया है कि इस योजना के जरिए सोमनाथ, श्रीशैलम और उत्तर प्रदेश के पवित्र गोवर्धन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की गई है।

इसके अलावा, स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) योजना के तहत 23 राज्यों में 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर कुल 3,295.76 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

वर्ष 2014 से 2025 के बीच भारत में 18.12 करोड़ अंतरराष्ट्रीय आगमन और 9.33 करोड़ विदेशी पर्यटक आगमन दर्ज किए गए।

अंतरराष्ट्रीय आगमन में विदेशी नागरिकों के साथ-साथ गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई) भी शामिल होते हैं।

पिछले एक दशक में देश भर के 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।

इसके अलावा, 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिससे वहां की गुणवत्ता, सुविधाएं और पर्यटन के लिए आवश्यक तैयारियां और बेहतर होंगी।

सरकार ने विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से ई-वीजा प्रणाली का भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया है, जिससे दुनिया के कई देशों के नागरिकों के लिए भारत की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो गई है।

बयान के अनुसार, भारत लगातार दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।

वर्तमान में भारत दुनिया की शीर्ष पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं में आठवें स्थान पर है और पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 231.6 अरब डॉलर का योगदान देता है।

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) के अनुमान के अनुसार, आने वाले दस वर्षों में भारत वैश्विक पर्यटन अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।

--आईएएनएस

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