नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) ने पिछले चार वर्षों में भारत के ई-कॉमर्स को पूरे तरह से बदल दिया है और इसके जरिए डिजिटल व्यापार पहले के मुकाबले आसान हुआ है और अधिक व्यापारियों को पहुंच प्राप्त हुई है।
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स के चार साल पूरे होने पर गोयल ने कहा कि इस पहल ने खुली भागीदारी को प्रोत्साहित करके और इनोवेशन एवं सहयोग को बढ़ावा देकर उत्पादों और सेवाओं के क्षेत्र में ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बनाने में मदद की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि ओएनडीसी ने छोटे दुकानदारों को डिजिटल बाजार में लाने और उपभोक्ताओं एवं विक्रेताओं दोनों के लिए पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे पूरे इकोसिस्टम में विश्वास मजबूत हुआ है।
गोयल ने कहा, “पिछले चार वर्षों में, ओएनडीसी ने खुली भागीदारी को सक्षम बनाकर और इनोवेशन एवं सहयोग को बढ़ावा देकर उत्पादों और सेवाओं के क्षेत्र में ई-कॉमर्स का लोकतंत्रीकरण किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “छोटे दुकानदारों को डिजिटल बाजार में लाकर और सभी के लिए पहुंच बढ़ाकर, इसने विश्वास को मजबूत किया है, जिससे उपभोक्ताओं और विक्रेताओं दोनों को लाभ हुआ है।”
केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब सरकार बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के विकल्प के रूप में ओएनडीसी को बढ़ावा देना जारी रखे हुए हैं।
पारंपरिक बाजारों के उलट ओएनडीसी विक्रेताओं को एक ही प्लेटफॉर्म या मुश्किल नियमों और शर्तों से बंधे बिना कई बायर ऐप्स के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने की सुविधा देता है।
कुछ दिनों पहले संसद में सरकार द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार, देश भर के 630 से ज्यादा शहरों और कस्बों से 1.16 लाख से अधिक रिटेल सेलर अभी ओएनडीसी पर लाइव हैं।
यह नेटवर्क अलग-अलग बायर और सेलर एप्लिकेशन के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम करके छोटे और माइक्रो बिजनेस के लिए एंट्री बैरियर को कम करता है, जिससे डिजिटल कॉमर्स में कॉम्पिटिशन बढ़ता है।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पहले लोकसभा में बताया था कि ओएनडीसी पर एक ही प्रोडक्ट और सर्विस देने वाले कई प्लेटफॉर्म की मौजूदगी से कंज्यूमर्स के लिए कीमतों में पारदर्शिता बेहतर होती है।
उन्होंने कहा कि खरीदारों को भी प्रोडक्ट्स और सर्विस की एक बड़ी रेंज का फायदा होता है क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों और अलग-अलग साइज के सेलर एक ही ओपन नेटवर्क पर उपलब्ध हो जाते हैं।