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जीएफएफ 2026 में फोनपे के समीर निगम ने वित्तीय समावेशन के अगले दशक का विजन पेश किया

जीएफएफ

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। फोनपे ने बुधवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 में अगले दशक के लिए अपना विजन पेश किया।

मुख्य संबोधन में फोनपे के संस्थापक और सीईओ समीर निगम ने देशभर के लोगों, परिवारों और कारोबारों के लिए डिजिटल प्रगति को आगे बढ़ाने की कंपनी की रणनीतिक रूपरेखा साझा की। यह फोनपे की एक दशक लंबी तकनीकी नवाचार और बड़े पैमाने पर विस्तार की यात्रा को दर्शाता है।

सत्र की शुरुआत करते हुए समीर ने फोनपे के मूल दर्शन और समावेशी विकास पर उसके फोकस के बारे में बात की।

उन्होंने कहा, “वास्तविक प्रगति इस बात से नहीं मापी जाती कि शीर्ष 10 प्रतिशत लोग कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि क्या हम किसी को पीछे छोड़ रहे हैं। पिछले एक दशक में फोनपे ने भारत की प्रगति को दिशा देने वाले एक तकनीकी अग्रणी के रूप में काम किया है। हमारे पूरे इकोसिस्टम में हर उत्पाद को सोच-समझकर इस उद्देश्य के साथ तैयार किया गया है कि प्रगति की राह में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए और वित्तीय सुरक्षा एवं विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे।”

उन्होंने कहा, “वास्तविक वित्तीय समावेशन कभी भी सामाजिक-आर्थिक वर्गों के आधार पर अलग-अलग उत्पाद बनाने के बारे में नहीं था। इसका मतलब ऐसा एक सिस्टम तैयार करना है, जो इतना लचीला हो कि हर भारतीय की जरूरत के मुताबिक काम कर सके।”

उन्होंने आगे बताया कि फोनपे ने एनपीसीआई के साथ मिलकर उन ‘बाधाओं’ को व्यवस्थित रूप से दूर करने पर काम किया है, जिन्होंने लंबे समय तक लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर रखा। इनमें स्मार्टफोन, बैंक खाते और सीमाओं से जुड़ी बाधाएं शामिल हैं।

समीर ने हार्डवेयर से जुड़ी उन बाधाओं पर बात करते हुए यूपीआई 123पे के विस्तार का जिक्र किया, जिनकी वजह से 20 करोड़ से अधिक फीचर फोन यूजर्स डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इंटरनेट के बिना एसएमएस, आईवीआर, मिस्ड कॉल और वॉयस आधारित तकनीक का यह सिस्टम यूपीआई की पूरी सुविधा को सीधे फीचर फोन तक पहुंचाता है। प्रमुख कंपनियों के साथ साझेदारी में अब तक 8 लाख से अधिक ऐसे सक्षम डिवाइस शिप हो चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि यूपीआई सर्किल जैसे उत्पाद मुख्य अकाउंट धारकों को अपने आश्रितों को सुरक्षित तरीके से खर्च करने की अनुमति दे रहे हैं, जिससे डिजिटल भुगतान परिवारों की रोजमर्रा की आदत बन रहा है।

सीमा संबंधी बाधाओं को दूर करने के तहत समीर ने बताया कि फोनपे ने सिंगापुर, यूएई, फ्रांस और नेपाल जैसे देशों में यात्रियों के लिए यूपीआई का विस्तार किया है। इसके साथ ही एनआरई/एनआरओ खातों के माध्यम से 3.5 करोड़ से अधिक एनआरआई के लिए आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

धन और बचत को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में समीर ने फोनपे की ‘सैशेकरण की विचारधारा’ पेश की।

उन्होंने इसकी तुलना 2 रुपए के शैंपू सैशे की आसान उपलब्धता से करते हुए बताया कि किस तरह प्लेटफॉर्म बड़े वित्तीय निवेश और प्रतिबद्धताओं को रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदल रहा है। इसका लक्ष्य दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले लोगों और छोटे कारोबारों को वित्तीय उत्पादों तक आसान पहुंच देना है।

इसमें फोपे डेली एफडी जैसी प्रमुख सुविधा शामिल है, जिसके जरिए यूजर्स केवल 100 रुपए प्रतिदिन से बैंक स्तर की एफडी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा डेली गोल्ड, सिल्वर और म्यूचुअल फंड एसआईपी की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसकी शुरुआत केवल 10 रुपए से होती है।

निवेश के क्षेत्र में मार्गदर्शन की जरूरत पर बात करते हुए उन्होंने सीआरआईएसपी पेश किया। यह एक ऐसा टूल है जो यूजर्स को रियल-टाइम बाजार की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हाई नेट वर्थ (एचएनडब्ल्यू) यूजर्स की जरूरतों के अनुसार भी आसानी से विस्तार कर सकता है, जिसमें एकमुश्त निवेश और एफएंडओ ट्रेडिंग शामिल है।

बड़े पैमाने पर क्रेडिट की पहुंच को बेहतर बनाने की जरूरत पर समीर ने बताया कि फोनपे का एआई आधारित अंडरराइटिंग सिस्टम अब केवल 2.5 मिनट में लोन वितरण संभव बना रहा है।

पारंपरिक क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम की सीमाओं को बताते हुए उन्होंने कहा, “एक सब्जी विक्रेता, जिसने लगातार पांच वर्षों तक अनुशासन के साथ हर दिन 800 रुपए की बिक्री की हो और जिसके पास इसका भुगतान रिकॉर्ड भी मौजूद हो, पारंपरिक क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम में लगभग अदृश्य बना रहता है।”

फोनपे रोजाना के सेटलमेंट इतिहास को क्रेडिट स्कोर के रूप में इस्तेमाल करके ऑटोमेटेड डेली-रिपेमेंट मर्चेंट लोन के जरिए इस समस्या को दूर कर रहा है।

उन्होंने जोर दिया कि कंपनी बिना किसी पूर्व क्रेडिट स्कोर वाले लाखों यूजर्स तक भी क्रेडिट पहुंचा रही है। उन्होंने हाल ही में पेश किए गए विश क्रेडिट कार्ड का भी उल्लेख किया, जो पहली बार कर्ज लेने वाले ग्राहकों को एक साधारण एफडी के जरिए क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद करता है।

इसके साथ ही एसबीआई और एचडीएफसी के साथ साझेदारी में यूपीआई पर रुपे क्रेडिट कार्ड जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मर्चेंट इकोसिस्टम और व्यापक अर्थव्यवस्था में विकास की संभावनाओं को बढ़ाने को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए, समीर ने स्मार्ट टूल्स के एक एकीकृत सेट की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर कारोबार की वृद्धि को बढ़ावा देना है।

इसका प्रमुख हिस्सा नए स्वरूप में तैयार किया गया फोनपे बिजनेस ऐप है। यह हाइपरलोकल ऑनलाइन विज्ञापन, व्यक्तिगत बाजार संबंधी जानकारी और बिना कोडिंग के पेमेंट सेटअप के लिए एक गेटवे के रूप में काम करता है।

इस इकोसिस्टम में स्मार्टकनेक्ट एंड स्मार्टस्टोर, फिजिकल स्टोर इनोवेशन और फोनपे पेमेंट गेटवे इनोवेशंस भी शामिल हैं। ये डेटा आधारित सीआरएम, लॉयल्टी इंजन, स्मार्ट स्पीकर और एआई ऑडियो अलर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।

एआई आधारित वॉयस सिंथेसिस की मदद से व्यक्तिगत ऑडियो पेमेंट अलर्ट को लोकप्रिय सेलिब्रिटी की आवाज में भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्मार्टपेज समेत कई अन्य फीचर्स भी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।

सत्र के समापन पर समीर ने फोनपे प्लस प्रो पेश किया। यह एक हाइपरलोकल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जिसे हर महीने होने वाले 11 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन से डेटा मिलता है।

यह प्लेटफॉर्म 40 वर्ग मीटर तक के छोटे भौगोलिक क्षेत्र के स्तर पर मैप किए गए आंकड़ों के आधार पर जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे कारोबारियों और नीति निर्माताओं को रणनीतिक विकास संबंधी फैसले लेने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

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