नई दिल्ली: वर्ष 2025 में देश जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरे स्थान पर पहुंचने के लिए तेजी से अग्रसर है। साथ ही, बीते कुछ महीनों में ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारत का निर्यात तेजी से बढ़ेगा। यह बयान इंडस्ट्री की ओर से गुरुवार को दिया गया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए ऑल गुजरात टेक्सटाइल फेडरेशन के प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का चौथा स्थान पर पहुंचना गर्व की बात है। इसकी वजह देश में एक स्थिर सरकार होना और अच्छी नीतियां होना है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने बीते कुछ वर्षों में टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए कई अच्छी कदम उठाए हैं। इसमें डबल ए ग्रेड यार्न मिलना भी शामिल है।
जीरावाला ने बताया कि 2025 में सरकार ने कई देशों के साथ एफटीए किए हैं। इससे निर्यातकों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुले हैं और आने वाले समय में देश के निर्यात में बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।
दक्षिण गुजरात चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख निखिल मद्रासी ने कहा कि नया साल नई आशा की किरण लेकर आया है। देश ने अर्थव्यवस्था में जापान को पीछे छोड़ दिया है और अब हमारा लक्ष्य 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनना है । इसके लिए हमें निर्यात को बढ़ाना होगा। अमेरिका से अलग नई वैकल्पिक व्यवस्थाएं खड़ी करनी होंगी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के गुजरात राज्य के प्रमुख नैनेश पच्चीगर ने कहा कि भारतीय निर्यात में आभूषण और रत्न इंडस्ट्री की अहम भूमिका है। देश से हर दिन करीब 7.8 मिलियन डॉलर के आभूषण और रत्न का निर्यात होता है। हमारी कोशिश इससे तेजी से बढ़ाने की है। हाल में हुए एफटीए से इसमें तेजी लाने में और मदद मिलेगी।