चेन्नई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि भारत अपने इतिहास के सबसे तेज विकास के दौरान में प्रवेश करने जा रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टेक्नोलॉजी और नए नियामक बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार देंगे।
साईं यूनिवर्सिटी में मुख्य अतिथि के रूप में दिए अपने संबोधन में चंद्रशेखरन ने कहा कि ग्रेजुएट्स तेजी से बदलते हुए, लेकिन अधिक मौकों वाले दौर में कदम रख रहे हैं और एआई आने वाले समय में ऐसे नए सेक्टर पैदा करेगा, जिसका फिलहाल अंदाजा लगाना मुश्किल है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि मौजूदा समय में एआई से नौकरियों के कम होने पर विस्तार से चर्चा चल रही है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी अपने साथ कई बड़े अवसर लेकर आती है।
वहीं, भारत के विकास पर टाटा संस के चेयरमैन ने कहा कि देश आज के समय में बहुत मजबूत स्थिति में है और आर्थिक वृद्धि "हमारे अपने इतिहास में और दुनिया के किसी भी हिस्से के मुकाबले बेमिसाल होगी", और यह कई दशकों तक जारी रह सकती है।
चंद्रशेखरन ने ग्रेजुएट्स से "डुअल रेस" वाली सोच अपनाने को कहा यानी लंबे समय के लक्ष्यों पर काम करने के साथ-साथ कम समय की उपलब्धियां भी हासिल करना, ताकि गति बनी रहे।
उन्होंने छात्रों को अपने करियर के लिए लगातार तैयारी करने और मुश्किलों से निराश न होने की सलाह भी दी। मैराथन दौड़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी खुद की तरक्की के आधार पर खुद को आंकना चाहिए।
साथ ही उन्होंने ग्रेजुएट्स को नई चीजें जानने की उत्सुकता बनाए रखने, अलग-अलग हुनर वाले लोगों के साथ काम करने और क्रिएटिविटी विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया, खासकर बिजनेस के क्षेत्र में।
उन्होंने कहा, "बिजनेस में क्रिएटिविटी बहुत कीमती है," और साथ ही यह भी कहा कि लोगों को अपने कामों और उनसे मिली सीख पर लगातार सोचना चाहिए।
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