नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के दूसरे दिन शुक्रवार के दौरान वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत के तेजी से उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत इस उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है। मलेशिया, जापान और अन्य देशों के उद्योग प्रतिनिधियों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भारत की बढ़ती क्षमताओं, सरकारी समर्थन, प्रतिभा और निवेश अवसरों की सराहना की।
मलेशियन इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमआईडीए) मुंबई के डायरेक्टर शाजरी हिदायत अब्द शुकोर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मलेशिया भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और संभावनाओं से भरा साझेदार मानता है।
उन्होंने कहा, "भारत अपने सेमीकंडक्टर उद्योग को तेजी से विकसित कर रहा है, जबकि मलेशिया के पास पहले से इस क्षेत्र का मजबूत अनुभव और इकोसिस्टम मौजूद है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग के बड़े अवसर हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि मलेशिया भारतीय कंपनियों को अपने यहां निवेश के लिए आकर्षित करना चाहता है और साथ ही मलेशियाई कंपनियां भी भारतीय बाजार में प्रवेश करने की इच्छुक हैं।
वहीं, निप्पॉन एक्सप्रेस (साउथ एशिया एंड ओशिनिया) के अध्यक्ष कात्सुहितो कोबायाशी ने आईएएनएस से कहा कि निवेश और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ प्रतिभा और शिक्षा भी सेमीकंडक्टर उद्योग की सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने कहा, "भारत में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा मौजूद हैं और उन्हें विश्वास है कि देश सेमीकंडक्टर 2.0 के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा सकेगा।"
कोबायाशी ने आगे कहा कि सेमीकॉन इंडिया के दूसरे दिन उन्हें और अधिक अवसर दिखाई दे रहे हैं और उनकी कंपनी भारत के सेमीकंडक्टर विस्तार को लेकर पहले से अधिक उत्साहित है। उन्होंने बताया कि इससे भारत में उनके व्यवसाय विस्तार को भी नई गति मिलेगी।
कात्सुहितो कोबायाशी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़ी उनकी कंपनी वैश्विक अनुभव और विशेषज्ञता को भारत लेकर आना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग में आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनकी कंपनी दुनिया के अन्य देशों में हासिल अनुभव का उपयोग करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन को समर्थन देने के लिए तैयार है।
होरिबा जापान के एक्जीक्यूटिव कॉर्पोरेट ऑफिसर और होरिबा इंडिया के चेयरमैन हिदेयुकी कोईशी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सेमीकॉन इंडिया 2026 में उद्योग जगत का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि हर कोई भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास को लेकर आशावान है और सरकार की ओर से भी इस क्षेत्र को मजबूत समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह केवल व्यक्तिगत कंपनियों के लिए अवसर नहीं है, बल्कि विभिन्न कंपनियों को एक साथ लाकर भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने का सही समय है।
उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
केन्स के जनरल मैनेजर हर्नाइन "नैनी" टोरेस ने कहा कि जिस प्रकार का समर्थन सरकार की ओर से मिल रहा है, उसे देखते हुए भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग बहुत तेजी से आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, "इस तेज विकास का लाभ उठाने के लिए तकनीकी तैयारी और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रतिभाओं में से एक है और हर वर्ष 10 से 15 लाख इंजीनियर तैयार होते हैं।"
टोरेस ने आगे कहा कि वैश्विक चिप डिजाइनरों में लगभग 20 प्रतिशत भारतीय या भारतीय मूल के पेशेवर हैं। यही भारत के लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में यह प्रतिभा सेमीकंडक्टर उद्योग में अवसरों की नई लहर पैदा कर सकती है।
पटीना लाइटिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर जेरार्ड एफ. हैमिल्टन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सेमीकॉन में यह मेरा पहला अनुभव है और मुझे यह बहुत रोमांचक लग रहा है। सभी स्टेकहोल्डर्स का सहयोग बहुत शानदार है। साथ ही ताजा ग्रुप के साथ काम करना, और सच कहूं तो, बेहतरीन और बहुत सहयोगी सीईओ के साथ काम करना बहुत सुखद रहा है।"
वहीं, इस दौरान पटीना के टेक्निकल सेल्स मैनेजर, कोल्म कैरिगन ने कहा, "भारत में यह मेरी पहली यात्रा है, और यह एक शानदार जगह है। सेमीकॉन काफी प्रभावशाली और बहुत बड़ा आयोजन है; हम इसमें मदद कर रहे हैं और हम खास तौर पर सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं।"
--आईएएनएस
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