नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के दौरान हुई घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कर रहा है और जल्द ही इसकी शुरुआती रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
एएआईबी, एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2379 से जुड़ी घटना की जांच कर रहा है। 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जाते समय यह फ्लाइट 36,000 फीट की ऊंचाई से अचानक 300 फीट नीचे तक आ गई थी, जिससे इसमें सवार कम से कम 24 लोग घायल हो गए थे।
नायडू ने पत्रकारों से कहा कि जब एएआईबी की रिपोर्ट आएगी, तो 'आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
मंत्री ने आगे कहा कि वे हर महीने सभी एयरलाइंस के साथ उनकी मुश्किलों, मुद्दों या चुनौतियों के बारे में बातचीत करते हैं। हम उन पर अपने ऑपरेशन को बेहतर बनाने, खासकर आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के लिए जोर दे रहे हैं। एयरलाइंस ने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही ऐसा करेंगी।
सरकार ने एजेंसी से जांच में तेजी लाने को कहा है ताकि सख्त नियम बनाए जा सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सजा दी जा सके।
137 यात्रियों और आठ क्रू सदस्यों को ले जा रही एआई-2379 फ्लाइट 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जा रही थी, तभी क्रूज फेज (उड़ान के दौरान स्थिर ऊंचाई पर चलने का समय) में इसकी ऊंचाई अचानक 300 फीट कम हो गई। इस दौरान कम से कम 20 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हो गए।
नायडू ने पिछले महीने बताया था कि इनमें से दो क्रू सदस्यों को टेलबोन (रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से) और गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में चोटें आईं।
दिल्ली में पोस्ट-फ्लाइट स्क्रीनिंग के बाद पायलट साइकोएक्टिव पदार्थों (नशीले पदार्थों) के लिए पॉजिटिव पाया गया। कुछ समय बाद एक और टेस्ट किया गया, जो भी पॉजिटिव आया।
खबरों के मुताबिक, टेस्ट से पुष्टि हुई कि पायलट ने मारिजुआना का सेवन किया था।
इस बीच, एएआईबी फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की घटना से जुड़े सभी जरूरी तकनीकी, ऑपरेशनल, मेडिकल और मानवीय-कारक सबूतों की जांच कर रहा है।
--आईएएनएस
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