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एपीपीयू ने विनय प्रकाश सिंह को लगातार दूसरी बार महासचिव के तौर पर चुना

एपीपीयू

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय डाक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी विनय प्रकाश सिंह को एशिया-पैसिफिक पोस्टल यूनियन (एपीपीयू) का लगातार दूसरी बार चार साल के कार्यकाल के लिए महासचिव से चुना गया है। उन्हें 4 सितंबर को बैंकॉक में आयोजित 14वीं एपीपीयू कांग्रेस में सर्वसम्मति से निर्विरोध चुना गया।

विनय प्रकाश सिंह का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होगा और दिसंबर 2030 तक चलेगा। उनका दोबारा चुना जाना एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में उनके नेतृत्व पर पोस्टल एडमिनिस्ट्रेशन के भरोसे और आम सहमति को दिखाता है। यह अंतरराष्ट्रीय पोस्टल सहयोग में भारत के योगदान की भी एक अहम पहचान है। यह दोबारा चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब एपीपीयू एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में डाक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

यह संघ 32 सदस्य देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय बैंकॉक में है। यह संयुक्त राष्ट्र की डाक क्षेत्र के लिए विशेष एजेंसी, यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) के क्षेत्रीय संघ के रूप में कार्य करता है।

विनय प्रकाश सिंह 2022 में 13वीं एपीपीयू कांग्रेस में पहली बार चुने जाने गए। जनवरी 2023 में पद संभालने के बाद से विनय प्रकाश सिंह ने डाक प्रशासनों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में डाक सेवाओं के विकास व आधुनिकीकरण में मदद करने में योगदान दिया है। माना जा रहा है कि उनका दूसरा कार्यकाल क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और डाक क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का और अवसर प्रदान करेगा।

तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में विनय प्रकाश सिंह ने भारत सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है, जिनमें डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, डाक विभाग में वरिष्ठ उप महानिदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी, उत्तर प्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और इंडिया पोस्ट मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक शामिल हैं।

उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सेना डाक सेवा कोर में भी कार्य किया है। एक प्रख्यात शिक्षाविद के रूप में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

--आईएएनएस

डीसीएच/