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एनएसई आईपीओ के जीएमपी में कमी आने से आईएफसीआई और एनआईएसीएल के शेयर 14 प्रतिशत तक फिसले

एनएसई

मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) आईपीओ के जीएमपी (ग्रे मार्केट प्रीमियम) में कमी आने के कारण न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईएसीएल) और आईएफसीआई के शेयर मंगलवार को 14 प्रतिशत तक फिसल गए।

एनआईएसीएल ने अब तक के कारोबार में 199.52 रुपए का इंट्राडे लो लगाया है, जो कि इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस 231.20 रुपए से 13.71 प्रतिशत कम है। दोपहर 12 बजे यह एनएसई पर 9.50 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 209.50 रुपए पर था।

एनआईएसीएल के पास एनएसई में 1.42 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। हालांकि, एनएसई के आईपीओ के कारण बीते कुछ हफ्तों में यह करीब 30 प्रतिशत बढ़ चुका था।

आईएफसीआई के शेयर ने अब तक के कारोबार में 92.75 रुपए का इंट्राडे का लो बनाया है, जो कि इसकी पिछली क्लोजिंग 102.51 रुपए से 9.5 प्रतिशत कम है। फिलहाल यह 8.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 94.16 रुपए पर था।

वहीं, आईएफसीआई के पास स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल) में 52 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो कि एनएसई में करीब 4.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। गिरावट के पहले बीते कुछ हफ्तों में इसमें 40 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली थी।

एनएसई आईपीओ के जीएमपी में हाल में ही बड़ी गिरावट देखने को मिली है और यह 5 सितंबर के 310 रुपए प्रति शेयर से कम होकर 8 सितंबर को 221 रुपए प्रति शेयर पर आ गया है।

बीते शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के करीब 30,000 करोड़ रुपए के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया था।

इसका मतलब है कि अब एक्सचेंज आईपीओ लाने की अंतिम प्रक्रिया में पहुंच गया है और उसे सेबी के पास आरएचपी (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) जमा करना है और इसके बाद आईपीओ बाजार में आ सकता है।

एनएसई का पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होने वाला है, यानी इसमें कोई भी पैसा कंपनी के पास नहीं जाएगा। इसके तहत करीब 14.89 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो कि एनएसई के कुल पेड-अप कैपिटल का करीब 6 प्रतिशत हो सकता है।

--आईएएनएस

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