Bank Locker Compensation : बैंक लॉकर में रखे पूरे सामान की वैल्यू पर क्यों नहीं मिल सकता मुआवजा, वित्त मंत्री ने संसद में दिया जबाव

बैंक लॉकर में नुकसान पर वार्षिक फीस का 100 गुना मुआवजा मिलेगा।
बैंक लॉकर में रखे पूरे सामान की वैल्यू पर क्यों नहीं मिल सकता मुआवजा, वित्त मंत्री ने संसद में दिया जबाव

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि लॉकर में रखे सामान का नुकसान होने पर बैंक वार्षिक फीस का 100 गुना का मुआवजा लॉकर धारक को दे सकता है।

वित्त मंत्री ने लोकसभा में बैंक लॉकर में रखे गए पूरे सामान की वैल्यू पर मुआवजा मिलने को लेकर पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए कहा कि यह लिमिट इस वजह से निर्धारित की गई है, क्योंकि बैंक को नहीं पता होता है कि ग्राहक द्वारा बैंक लॉकर में क्या-क्या सामान रखा गया है और बैंक द्वारा किसी भी ग्राहक से लॉकर में रखी चीजों की जानकारी मांगना बैंकिंग गोपनीयता नियमों के खिलाफ है।

आगे वित्त मंत्री ने कहा कि वस्तु-वार मूल्यांकन या बीमा संभव न होने के कारण, बैंक लॉकर में रखे सामान का नुकसान होने पर भरपाई के लिए एक मानकीकृत क्षतिपूर्ति ढांचा लागू किया जाता है। अलग-अलग कवरेज की मांग करने पर सामान की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, जिसकी अनुमति बैंकिंग नियमों में नहीं है।

बैंक लॉकर नियमों के मुताबिक, अगर लॉकर में रखा सामान बैंक की अनदेखी, कर्मचारी की धोखाधड़ी, आग, चोरी, डकैती, सेंधमारी और लूटपाट जैसी घटाने के कारण गायब हो जाता है तो बैंक को लॉकर धारक को मुआवजा देना है, जो कि लॉकर के लिए बैंक द्वारा ली जा रही वार्षिक फीस का 100 गुना होगा।

उदाहरण के लिए अगर बैंक लॉकर के लिए 5,000 रुपए प्रति वर्ष चार्ज कर रहा है, तो लॉकर में उपरोक्त कारणों से नुकसान होने पर उसे ग्राहक को 5,00,000 रुपए का मुआवजा देना होगा।

बैंक लॉकर में ज्वेलरी, लोन दस्तावेज, प्रॉपर्टी दस्तावेज, जन्म-शादी से जुड़े प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस पॉलिसी, सेविंग्स बॉन्ड्स और अन्य गोपनीय दस्तावेज रखना वैध है।

वहीं, बैंक लॉकर में कैश, हथियार, ड्रग्स, एक्सप्लोसिव, जल्द खराब होने वाली और रेडियोएक्टिव वस्तुएं और खतरनाक मानी जाने वाली वस्तुएं रखना अवैध है।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...