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आईपीओ से पहले रेंटोमोजो ने बताईं कारोबारी चुनौतियां, सप्लायर निर्भरता और चुनिंदा शहरों पर ज्यादा कारोबार प्रमुख जोखिम

आईपीओ

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। फर्नीचर और घरेलू उपकरण किराए पर उपलब्ध कराने वाली कंपनी रेंटोमोजो ने अपने 1,255.57 करोड़ रुपए के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में कई कारोबारी जोखिमों को चिन्हित किया है। कंपनी ने कहा है कि तीसरे पक्ष के आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता, कुछ चुनिंदा शहरों से अत्यधिक राजस्व प्राप्त होना और ग्राहकों द्वारा भुगतान में चूक उसकी वृद्धि और लाभप्रदता को प्रभावित कर सकते हैं।

कंपनी ने कहा कि उसके कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाहरी विक्रेताओं और निर्माताओं पर निर्भर है। यदि आपूर्ति में व्यवधान आता है, उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, कच्चे माल की कीमतें बढ़ती हैं या सामान की डिलीवरी में देरी होती है, तो कंपनी की इन्वेंट्री उपलब्धता, ग्राहक अनुभव और लाभ मार्जिन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

आरएचपी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के शीर्ष पांच एसेट सप्लायर्स का कुल पूंजीगत और परिचालन खर्च में 12.18 प्रतिशत योगदान था।

रेंटोमोजो ने अपने लिखित बयान में कहा है कि यदि वह वाणिज्यिक रूप से स्वीकार्य शर्तों पर उत्पाद खरीदने में असफल रहती है, या उसके तृतीय-पक्ष निर्माता उत्पादन बंद कर देते हैं अथवा गुणवत्ता मानकों को बनाए नहीं रखते, तो इससे कंपनी के कारोबार और साख दोनों पर असर पड़ सकता है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी भविष्य की वृद्धि नए ग्राहकों को जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर है। यदि ग्राहक सदस्यता छोड़ने की दर बढ़ती है या नए ग्राहकों को जोड़ने की लागत बढ़ती है, तो लाभप्रदता पर दबाव आ सकता है।

राजस्व के मामले में भी कंपनी ने एक महत्वपूर्ण जोखिम की ओर संकेत किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी कुल आय का 89.51 प्रतिशत हिस्सा केवल 10 प्रमुख शहरों से आया। कंपनी का कहना है कि यदि इन शहरों में आर्थिक, नियामकीय या प्रतिस्पर्धात्मक परिस्थितियां प्रतिकूल होती हैं, तो उसका कारोबार असमान रूप से प्रभावित हो सकता है।

रेंटोमोजो ने ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी, किस्तों की अदायगी न करना और अनुबंधों को समय से पहले समाप्त करने को भी जोखिम बताया है। कंपनी के अनुसार, इससे किराये पर दिए गए उत्पादों पर मिलने वाला प्रतिफल कम हो सकता है और बकाया राशि की वसूली की लागत बढ़ सकती है।

साथ ही, नए शहरों में विस्तार की योजना भी चुनौतियों से मुक्त नहीं है। कंपनी ने कहा कि वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित करने और नए ग्राहकों को जोड़ने से जुड़ी कठिनाइयां विस्तार योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित कर सकती हैं।

आरएचपी में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी के प्रवर्तक और कुछ निदेशक वर्तमान में कुछ कानूनी और नियामकीय मामलों का सामना कर रहे हैं। यदि इन मामलों का परिणाम प्रतिकूल रहता है, तो इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति, संचालन और प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि रेंटोमोजो का 1,255.57 करोड़ रुपए का आईपीओ बुधवार को निवेशकों के लिए खुल गया है और शुक्रवार को बंद होगा। इस निर्गम में 150 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 1,105.57 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 384 रुपए से 404 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।

--आईएएनएस

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