Sunil Mittal AI : एआई से बदलेगा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शोध का भविष्य: सुनील मित्तल

भारती ग्रुप चेयरमैन सुनील मित्तल ने एआई के उद्योगों पर प्रभाव पर जोर दिया।
एआई से बदलेगा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शोध का भविष्य: सुनील मित्तल

नई दिल्ली: भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने गुरुवार को कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा, गहन शोध और चिकित्सा विज्ञान जैसे क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ताकत से तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में बोलते हुए मित्तल ने कहा कि एआई अब केवल एक तकनीकी ट्रेंड नहीं रहा, बल्कि यह उद्योगों में बदलाव का प्रमुख आधार बन चुका है।

उन्होंने बताया कि एआई कंपनियों के काम करने और सेवाएं देने के तरीके को बदल रहा है। उन्होंने कहा कि खासकर हेल्थकेयर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को एआई से बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि इससे कार्यक्षमता, नवाचार और सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि भारती समूह के लिए एआई पहले से ही संचालन का अहम हिस्सा बन चुका है। कंपनी एआई का उपयोग ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने, मजबूत नेटवर्क तैयार करने और उन्हें अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए कर रही है। एआई की मदद से सेवा की गुणवत्ता बेहतर हो रही है और आंतरिक प्रक्रियाएं भी अधिक तेज और स्मार्ट बन रही हैं।

मित्तल ने जोर देकर कहा कि एआई का प्रभाव सिर्फ एक या दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। मेडिकल रिसर्च से लेकर उन्नत वैज्ञानिक शोध तक, एआई भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कंपनियां जैसे-जैसे इस तकनीक को अपनाएंगी, नए विकास और नवाचार के अवसर खुलेंगे।

इससे पहले जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एक्सपो में 300 से अधिक चुने हुए प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें 'पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस' जैसे तीन प्रमुख विषयों के तहत रखा गया है।

इसके अलावा 600 से अधिक संभावनाशील स्टार्टअप्स भी इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर उपयोगी समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स अपने ऐसे समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में लागू किए जा चुके हैं।

समिट के दौरान 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 3,250 से ज्यादा विशेषज्ञ वक्ता और पैनल सदस्य हिस्सा लेंगे।

इन सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभाव पर चर्चा की जाएगी और इस बात पर विचार किया जाएगा कि एआई का लाभ दुनिया के हर नागरिक तक कैसे पहुंचाया जाए।

--आईएएनएस

 

 

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