यूपी में अब ओला-उबर को भी कराना होगा पंजीकरण, सरकार ने जारी किए नए नियम

लखनऊ, 10 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के योगी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए परिवहन से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यूपी में अब ओला व उबर को भी पंजीकरण कराना होगा। परिवहन मंत्री ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 का जिक्र किया और बताया कि भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2025 को नियमावली में संशोधन किया है।

भारत सरकार के नियम को उत्तर प्रदेश भी अपनाएगा। ओला-उबर पर पहले नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी पंजीकरण कराना पड़ेगा। आवेदन, लाइसेंस, और रिन्युअल शुल्क भी देना होगा। कौन गाड़ी चला रहा है, यह अभी तक हम नहीं जान पाते थे। इनका ड्राइवर का मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन, तथा फिटनेस टेस्ट आदि भी कराएंगे।

परिवहन मंत्री ने बताया कि अब यूपी में बिना पंजीकरण शुल्क, फिटनेस, मेडिकल टेस्ट, पुलिस वेरिफिकेशन के गाड़ी नहीं चला पाएंगे। अधिसूचना जारी होने के बाद यह लागू हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि आवेदन की फीस 25 हजार रुपये होगी, जबकि 50-100 या इससे अधिक गाड़ी चलाने वाली कंपनी की लाइसेंसिंग फीस पांच लाख रुपये होगी। रिन्युअल हर पांच साल पर होता रहेगा। रिन्युअल के लिए पांच हजार रुपये देना होगा।

परिवहन मंत्री ने बताया कि ऐसा ऐप भी विकसित करेंगे, जिससे समस्त जानकारी पब्लिक डोमेन में रहे। इसके तहत ड्राइवर आदि की समस्त जानकारी भी प्राप्त होगी।

बता दें, बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को भी स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी। अभी 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुंच रही हैं, लेकिन नई पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी।

--आईएएनएस

विकेटी/डीके

Related posts

Loading...

More from author

Loading...