नई दिल्ली: चैत्र नवरात्र का कल यानी 24 मार्च को छठवां दिन है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा के साथ-साथ यमुना छठ या यमुना जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
मान्यता है कि इसी दिन देवी यमुना पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इसे यमुना जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ती है। यमुना छठ पर भक्त सुबह स्नान कर यमुना जी की पूजा करते हैं। नदी के तट पर सूर्य को अर्घ्य देते हैं माता यमुना से वरदान मांगते हैं। मथुरा-वृंदावन में इस दिन विशेष तौर पर लोग पीले वस्त्र पहनकर यमुना स्नान करते हैं और फल-मिठाई का प्रसाद चढ़ाते हैं। शाम को यमुना जी की विशेष आरती और भजन होते हैं।
मंगलवार को तिथि षष्ठी शाम 4 बजकर 7 मिनट तक है। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन षष्ठी तिथि ही रहेगी। नक्षत्र रोहिणी शाम 7 बजकर 4 मिनट शाम तक है।
वहीं, मंगलवार को सूर्योदय 6 बजकर 21 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 34 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 46 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त 2 बजकर 30 मिनट दोपहर से 3 बजकर 19 मिनट दोपहर तक है। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक, अमृत काल शाम 4 बजकर 6 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
खास बात है कि मंगलवार को द्विपुष्कर योग भी है, जो 7 बजकर 4 मिनट शाम से अगले दिन सुबह 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। वहीं, रवि योग सुबह 6 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट शाम तक है।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल 3 बजकर 31 मिनट शाम से 5 बजकर 3 मिनट शाम तक, यमगंड 9 बजकर 24 मिनट सुबह से 10 बजकर 56 मिनट सुबह तक, गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त 8 बजकर 47 मिनट सुबह से 9 बजकर 36 मिनट सुबह तक और विडाल योग 6 बजकर 21 मिनट सुबह से 7 बजकर 4 मिनट शाम तक रहेगा।
--आईएएनएस
