बंगाल: सुवेंदु अधिकारी ने लगाया पहला जनता दरबार, मुख्यमंत्री के गांव के लोग भी शिकायत लेकर पहुंचे

कोलकाता में जनता दरबार: Suvendu Adhikari ने समस्याएं सुनीं, Locket Chatterjee भी रहीं मौजूद
बंगाल: सुवेंदु अधिकारी ने लगाया पहला जनता दरबार, मुख्यमंत्री के गांव के लोग भी शिकायत लेकर पहुंचे

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद एक नई शुरुआत भी देखने को मिल रही है। दूसरे भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर सोमवार से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए जनता दरबार की शुरुआत की। इस दौरान, सुवेंदु अधिकारी के गांव के लोग भी अपनी शिकायत लेकर जनता दरबार में पहुंचे।

 

 

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपना पहला जनता दरबार कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित किया। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इसके संबंध में दिशा-निर्देश भी दिए।

 

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पहले 'जनता दरबार' के मौके पर पार्टी नेता लॉकेट चटर्जी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह बहुत अच्छी बात है, इसका असर भी दिख रहा है। आज बहुत से लोग कतार में खड़े रहे। हर सोमवार को मुख्यमंत्री यहां आएंगे, जनता दरबार लगाएंगे, लोगों की बातें सुनेंगे और उनकी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करेंगे। एक-एक करके सभी की बात सुनी जाएगी।"

 

लॉकेट चटर्जी ने बताया कि बहुत सारे लोग यहां आए। बहुत सारे मुद्दे जनता ने सामने रखे हैं। जो भी समस्या है, मुख्यमंत्री उसका समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य भी सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार में शिकायत लेकर पहुंचे। समिति के सदस्य वृंदावन दास महाराज ने कहा, "हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं।"

 

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में राज्य के अंदर महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। हमने मुख्यमंत्री से महिला सुरक्षा को लेकर मांग की है।

 

हिंदू सुरक्षा समिति के एक अन्य सदस्य ने कहा, "मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी हमारे ही गांव के हैं। हम यहां इसलिए आए क्योंकि हमारे गांव में अधिकतर चीजें तो ठीक-ठाक हैं, लेकिन कुछ जगहों पर समस्याएं हैं, जिनके बारे में सुवेंदु अधिकारी को जानकारी नहीं है। हम उन्हें इसी बारे में बताने आए थे।"

 

--आईएएनएस

डीसीएच/

 

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