West Bengal Election Result : मध्यमग्राम में रिकॉर्ड 94.62 प्रतिशत मतदान, टीएमसी के रथिन घोष 2,399 वोटों से जीते

मध्यमग्राम सीट पर टीएमसी की जीत, रथिन घोष ने भाजपा उम्मीदवार को हराया
मध्यमग्राम में रिकॉर्ड 94.62 प्रतिशत मतदान, टीएमसी के रथिन घोष 2,399 वोटों से जीते

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में उत्तर 24 परगना जिले की महत्वपूर्ण मध्यमग्राम विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत रखी है। टीएमसी उम्मीदवार रथिन घोष ने भाजपा के अनिंद्य बनर्जी को 2,399 वोटों से हराकर जीत हासिल की।

रथिन घोष को 95,995 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार अनिंद्य बनर्जी को 93,596 वोट प्राप्त हुए। इस सीट पर रिकॉर्ड 94.62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है। पूरे उत्तर 24 परगना जिले में औसतन 92.92 प्रतिशत वोटिंग हुई।

मध्यमग्राम सीट कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा है और बारासात लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। 2008 के परिसीमन के बाद 2011 में बनी इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का लगातार दबदबा रहा है। 2016 और 2021 दोनों चुनावों में रथिन घोष ने बड़ी जीत दर्ज की थी। 2021 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को हराया था।

टीएमसी उम्मीदवार रथिन घोष 68 वर्षीय हैं और 12वीं पास हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 57.9 लाख रुपए है। उन्होंने इस सीट से लगातार तीन बार जीत हासिल की है। भाजपा उम्मीदवार अनिंद्य बनर्जी 57 वर्षीय हैं और 12वीं पास हैं। उनके खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी कुल संपत्ति 3.3 करोड़ रुपए बताई गई है।

भाजपा ने इस बार उन्हें टिकट देकर टीएमसी को कड़ी टक्कर दी है। कांग्रेस उम्मीदवार अनंत रे 72 वर्षीय हैं और ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं है। उनकी कुल संपत्ति करीब 41.6 लाख रुपए है।

मध्यमग्राम क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण इलाकों का अच्छा मिश्रण है। मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा वोट बैंक है (करीब 27.60%), जबकि अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 12.78 प्रतिशत हैं। इस सामाजिक समीकरण के कारण यहां चुनावी लड़ाई हमेशा दिलचस्प रहती है।

तृणमूल कांग्रेस का स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव पार्टी को लगातार फायदा पहुंचा रहा है। हालांकि भाजपा पिछले कुछ वर्षों से इस सीट पर अपना वोट शेयर लगातार बढ़ा रही है, जिससे मुकाबला पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया। कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही।

--आईएएनएस

 

 

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