West Bengal Elections : दिलीप घोष का टीएमसी पर तंज, कहा-लोगों को डराकर रखती है टीएमसी

दिलीप घोष ने कहा, "टीएमसी धीरे-धीरे जमीन से गायब होगी, केंद्रीय बल तैनात हों।"
दिलीप घोष का टीएमसी पर तंज, कहा-लोगों को डराकर रखती है टीएमसी

न्यूटाउन: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे पास आ रही हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि वे लोगों को हमेशा डराकर रखती है।

खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "टीएमसी ने हमेशा लोगों को डरा-धमकाकर और विपक्ष को दबाकर चुनाव जीते हैं। वे फिर से उसी तरह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। टीएमसी धीरे-धीरे जमीन से गायब हो जाएगी और सड़कों पर कहीं नज़र नहीं आएगी। एक भी गुंडा बाहर नहीं दिखेगा। उनके सभी नेता खुद को बचाने में व्यस्त रहेंगे। यहां तक कि वे पुलिस अधिकारी भी, जो उन्हें बढ़ावा देते थे, अब समझ गए हैं कि आगे मुश्किल समय आने वाला है।"

दिलीप घोष ने कहा, "हम भी यही चाहते हैं, और बंगाल की जनता भी यही चाहती है कि केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए, ताकि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से संपन्न हो सकें। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहेगी। जहां भी जरूरत होगी, वहां बल तैनात किए जाएंगे और लोगों के लिए बिना किसी डर के मतदान करने का माहौल तैयार किया जाएगा।"

भाजपा उम्मीदवार ने कांग्रेस के चुनाव प्रचार पर उन्होंने कहा, "अभी तक कांग्रेस कहां थे पता नहीं था वो अपने अंदर ही अंदर लड़ाई दर्ज करके उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। अब राहुल गांधी तो सब जगह जाते हैं लेकिन परिणाम क्या होता है ये सबको पता है कितना चुनाव में उन्होंंने नेतृत्व दिया और कितना जीता ये देख लीजिए।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएसी उम्मीदवार ममता बनर्जी के बयान पर खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष कहते हैं, "सीआरपीएफ आ रही है और वह आएगी। बंगाल की जनता चाहती है कि केंद्रीय बल यहाँ आए। चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होने चाहिए।"

बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी ने कहा था कि सभी ईवीएम मशीनों की अच्छी तरह से जांच करें। बूथ एजेंटों को भी ईवीएम की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए। मुझे उनकी योजना पता है। वोटिंग के बाद सीआरपीएफ और केंद्रीय बलों की निगरानी में, वे अंदर जाकर मशीन बदल सकते हैं, इसलिए हमें 24 घंटे निगरानी रखने की जरूरत है। आपको ध्यान से देखना चाहिए कि वे ईवीएम को हैक न कर लें।"

--आईएएनएस

 

 

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