मुंबई: मध्य-पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को देश सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "संसद का सत्र चल रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को देखते हुए सरकार को संसद में चर्चा करना चाहिए। अगर सरकार चर्चा रखती तो तमाम विपक्षी पार्टियों को इस पर बोलने का मौका मिलता। इससे खुलासा होता कि भारत की क्या नीति है। हम मौजूदा हालात को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें सभी को 2-3 मिनट बोलने का मौका मिलता है और सभी बोलकर चले जाते हैं। अब सरकार सभी मुख्यमंत्रियों से बात करने वाली है। देखते हैं कि इसमें क्या बात होता है?"
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। जंग को रुकना चाहिए। भारत को विश्वगुरु और प्रधानमंत्री को 56 इंच का सीना बताने वालों को पहले ही कदम उठाना चाहिए था, जिससे जंग इस हालात में नहीं जाती। आप अगर युद्ध की निंदा नहीं करते तो हम क्या सोचें? ईरान के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। जंग के हालात में एक पैनिक हालात बन गया है। लोग घरों के अंदर राशन भर-भर कर रख रहे हैं, पेट्रोल को ज्यादा मात्रा में ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि अगर युद्ध जारी रहा, तो इन सभी चीजों की कमी हो जाएगी। कुछ लोग मिनी लॉकडाउन की बात कर रहे हैं। इसलिए इन सभी को ध्यान में रखकर सरकार को सामने आकर स्टेटमेंट देना चाहिए।"
वारिस पठान ने सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा पाकिस्तान को दलाल देश कहे जाने पर कहा, "इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान आतंकवादियों को पैदा करता है और उन्हें बढ़ावा देता है। इजरायल और पाकिस्तान ने बेड़ा गर्क कर रखा हुआ है। हमारे पार्टी के अध्यक्ष ने पूरी दुनिया में पाकिस्तान को एक्सपोज कर दिया है। पाकिस्तान की कोई हैसियत नहीं है। भारत एक शक्तिशाली देश है, उसे इस मुद्दे पर कदम उठाना चाहिए।"
--आईएएनएस
