Tele-Law Initiative : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन तकनीक आधारित कानूनी सेवाओं पर चर्चा का करेंगे नेतृत्व

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने न्याय तक डिजिटल पहुंच पर राष्ट्रीय परामर्श में भाग लिया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन तकनीक आधारित कानूनी सेवाओं पर चर्चा का करेंगे नेतृत्व

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन रविवार को एक राष्ट्रीय बैठक में चर्चा करेंगे कि कैसे टेक्नोलॉजी की मदद से आम लोगों तक कानूनी मदद और न्याय आसानी से पहुंचाया जा सके।

एक अधिकारी ने बताया कि विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा विचार-विमर्श, नीतिगत संवाद और हितधारकों की भागीदारी के लिए एक मंच प्रदान करने हेतु परामर्श का आयोजन किया जा रहा है।

न्याय तक समग्र पहुंच के लिए टेली-लॉ पहल के तहत राष्ट्रीय परामर्श 2026 का कार्यान्वयन 'एक्सेस टू जस्टिस' (न्याय तक पहुंच) विभाग के अंतर्गत किया जा रहा है।

विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी विभाग के निरंतर प्रयासों के अंतर्गत आयोजित की जा रही परामर्श बैठक में भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम में "लाभार्थियों की आवाज" पुस्तिका 2025-26 का भी विमोचन किया जाएगा, जिसमें उन व्यक्तियों की प्रेरक कहानियों को संकलित किया गया है जिनके जीवन पर टेली-लॉ सेवाओं के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जो न्याय तक डिजिटल पहुंच की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाता है।

इसमें टेली-लॉ पैनल के वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और लाभार्थियों के साथ लाइव बातचीत शामिल होगी, जो वास्तविक समय के अनुभवों और प्रौद्योगिकी-सक्षम कानूनी सहायता के जमीनी स्तर पर प्रभाव को प्रदर्शित करेगी।

बयान में कहा गया है कि एक विशेष कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुति दी जाएगी, जो इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का जश्न मनाएगा।

इस परामर्श सत्र में कार्यक्रम से पहले आयोजित एक तकनीकी सत्र से निकले श्वेत पत्र का विमोचन भी शामिल होगा, जिसमें विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और अभ्यासकर्ताओं की अंतर्दृष्टि, सिफारिशें और सर्वोत्तम प्रथाएं संकलित की गई हैं।

न्याय सेतु नामक एक एआई-संचालित चैटबॉट भी लॉन्च किया जाएगा। इसे नागरिकों और कानूनी सेवाओं के बीच एक डिजिटल सेतु के रूप में कार्य करने के लिए विकसित किया गया है। त्वरित और उपयोगकर्ता के अनुकूल कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया यह चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों को समझने, टेली-लॉ सेवाओं तक पहुंचने और विवाद समाधान तंत्रों का उपयोग करने में सहायता करेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित कानूनी जागरूकता पर आधारित कॉमिक पुस्तकों की एक शृंखला का विमोचन किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों, बार के सदस्यों, सरकारी वकीलों, टेली-लॉ पैनल के वकीलों और ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) सहित लगभग 1,200 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

 

 

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