संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं को मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए: आलोक कुमार

विहिप नेताओं ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया
संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं को मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए: आलोक कुमार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं को मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

आलोक कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को ध्यान नहीं रहता कि वह विपक्ष के नेता हैं और संवैधानिक पद पर बैठे हैं। उन्हें अपनी भाषा में शिष्टता रखनी चाहिए। क्या पीएम मोदी के नाम के साथ ‘जी’ नहीं लगाया जा सकता? क्या यह कहा जाएगा कि ‘नरेंद्र मोदी कहता है’? हमने विपक्ष के नेता के तौर पर अटल जी और आडवाणी जी को देखा है।

उन्होंने कहा कि पहले के नेता सार्वजनिक बयानों में आदर्श भाषा बोलते थे, लेकिन ये ऐसा कुछ नहीं करते। सीधा गद्दारी का आरोप लगा दिया और कहना कि आगे कठिन दिन आने वाले हैं तो क्या सिर्फ भारत के आने वाले हैं? ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है, होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुलता तो तेल, खाद और गैस का संकट होगा। इसीलिए तो प्रधानमंत्री ने देश से अपील की है और कुछ त्याग के लिए आह्वान किया है।

आलोक कुमार ने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि पीएम मोदी की गलती है तो क्या उन्होंने युद्ध करवाया है? क्या तेल की आवाजाही पीएम मोदी ने रोकी है? जो भी कुछ हो रहा है, वह दो देशों के अहंकार के कारण हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि कंस को अपने आखिरी दिनों में हर जगह कृष्ण दिखाई देने लगे थे और वह डरता रहता था। कांग्रेस की निरंतर हार से हताशा के कारण इस तरह के बयान आ रहे हैं। अगर मैं उनकी भाषा में बोलूं तो वह दिमाग से खाली हैं और मुंह से बदतमीज हैं।

राहुल गांधी के संविधान बेचने और अंबेडकर का अपमान करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इससे बड़ा झूठ और कुछ नहीं हो सकता। कांग्रेस ने मानो ठेका लिया है कि सभी संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन करना है, इसीलिए वे मुख्य चुनाव आयुक्त और जजों को हटाने के लिए नोटिस देते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाते हैं। वे तलवार घुमा रहे हैं, लेकिन तलवार हवा में घूम रही है। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना लोकतंत्र को चोट पहुंचाता है।

उन्होंने कहा कि संघ पर वे आरोप लगा रहे हैं। संघ आगे बढ़ रहा है, 100 साल का हो गया है और निरंतर बढ़ता रहेगा। झेलना कांग्रेस को पड़ेगा।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि केरल में नई सरकार बनी है और यह मुस्लिम लीग की मानसिकता से जिंदा रहना चाहती है। ऐसे बयानों से कांग्रेस अपनी अंतिम यात्रा की तरफ जा रही है। जो व्यक्ति अपने देश के पीएम के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, उससे बड़ा गद्दार कोई नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करने की जिहादी मानसिकता के रास्ते पर कांग्रेस चल रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

 

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