मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने विप्रो में कथित धार्मिक धर्मांतरण के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब महिला वहां काम कर रही थीं तो कोई विवाद क्यों नहीं हुआ? अब अचानक आपत्तियां उठाई जा रही हैं, जिसका मतलब है कि कोई उन्हें उकसा रहा है।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जब वह वहां काम कर रही थीं, तब कोई विवाद क्यों नहीं हुआ? अब वे आपत्तियां क्यों उठा रहे हैं? इसका मतलब है कि कोई उन्हें उकसा रहा है। हिंदू-मुस्लिम से जुड़े सवाल उठाना कि किसके साथ किसके संबंध होने चाहिए या किसे किससे शादी करनी चाहिए, यह एक निजी मामला है।”
बता दें कि टीसीएस नासिक के बाद अब विप्रो के पुणे परिसर से धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। यहां काम करने वाली एक महिला ने आरोप लगाया कि उसकी पूर्व बॉस ने धार्मिक आधार पर उसका उत्पीड़न किया। पीड़ित महिला का कहना है कि उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लगातार मानसिक दबाव डाला गया, जिसके कारण आखिरकार उसे नौकरी छोड़नी पड़ी।
इस मामले में पुणे पुलिस और राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं विप्रो ने पुलिस को सभी जरूरी दस्तावेज सौंपते हुए जांच में पूरे सहयोग की बात कही है।
दरअसल, विप्रो के पुणे परिसर में काम करने वाली एक महिला ने आरोप लगाया कि उसकी पूर्व बॉस ने धार्मिक आधार पर उसका उत्पीड़न किया और उसे जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की, जिसके कारण उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और बेंगलुरु में रहने वाली अपनी बॉस के खिलाफ राज्य के मानवाधिकार निकाय से भी संपर्क किया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर हुसैन दलवई ने कहा कि उनका नेतृत्व सामूहिक नेतृत्व है। उन्होंने कहा, “राहुल की पार्टी पूरे देश में मौजूद है। सत्ता के मामले में भी आज ऐसे राज्यों की संख्या ज्यादा है जहां कांग्रेस या कांग्रेस गठबंधन की सरकारें हैं। कांग्रेस पूरे राष्ट्र में फैली हुई है।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कमजोर बताए जाने पर दलवई ने साफ कहा कि ममता कमजोर नहीं हुई हैं, बल्कि भाजपा कमजोर हुई है, इसलिए भाजपा विपक्षी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
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