वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी बने अंडमान-निकोबार कमान के प्रमुख

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के नए प्रमुख बने। यह कमान सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने 1 जून को श्री विजय पुरम में भारत की पहली और एकमात्र त्रि-सेवा (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) संयुक्त परिचालन कमान के 20वें कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया।

सोमवार को यह पदभार ग्रहण करने के बाद वाइस एडमिरल मैकार्टी ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार कमान भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा, हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत करने, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने तथा कमान की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। समुद्री में नियुक्ति के दौरान वह स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस दिल्ली के कमीशनिंग दल का हिस्सा रहे।

उन्होंने आईएनएस अजय, आईएनएस खंजर और आईएनएस शिवालिक जैसे प्रमुख युद्धपोतों की कमान भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण कमांडर, पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय में कमांड प्लान्स अधिकारी तथा नौसेना मुख्यालय में कमोडोर नेवल प्लान्स जैसी अहम जिम्मेदारियां भी निभाईं। करीब 36 वर्षों के लंबे और गौरवशाली सैन्य अनुभव के साथ वाइस एडमिरल मैकार्टी भारतीय नौसेना के ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने परिचालन, प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और संयुक्त सैन्य संरचनाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने 1 जुलाई 1989 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वाइस एडमिरल मैकार्टी गनरी और मिसाइल प्रणाली के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से भी उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त की है। फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने नौसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (स्टाफ रिक्वायरमेंट्स), कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज तथा 2023 में पश्चिमी बेड़े के कमांडर के रूप में कार्य किया। वर्ष 2024 में उन्हें भारतीय नौसेना अकादमी का दसवां कमांडेंट नियुक्त किया गया था। विदेशों में भी उनका अनुभव उल्लेखनीय रहा है।

उन्होंने श्रीलंका की नेवल एंड मैरीटाइम अकादमी में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में सेवा दी तथा 2011 से 2015 तक सिंगापुर और फिलीपींस में एक साथ भारत के रक्षा सलाहकार रहे। वहीं, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में भी एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। मेजर जनरल रेचल थॉमस ने 1 जून को सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) की अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के रूप में पदभार ग्रहण किया।

उन्होंने मेजर जनरल लिसम्मा पीवी का स्थान लिया, जो 31 मई 2026 को लगभग चार दशकों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं। मेजर जनरल रेचल थॉमस पुणे स्थित प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पूर्व छात्रा हैं। उन्हें 1 जून 1988 को सैन्य नर्सिंग सेवा में कमीशन प्राप्त हुआ था। लगभग 38 वर्षों के अपने करियर में उन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के विभिन्न प्रमुख सैन्य अस्पतालों में चिकित्सीय और प्रशासनिक दोनों प्रकार की जिम्मेदारियां संभाली हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

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