लखनऊ: उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार की योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने पर निराशा जताई और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की।
18वीं विधानसभा के वर्ष 2026 के द्वितीय विशेष सत्र में 'महिला सशक्तिकरण पर अनवरत चर्चा' विषय पर बोलते हुए रजनी तिवारी ने कहा कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए राजनीतिक आरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के लोकसभा में पारित न होने पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, शौचालय निर्माण और आवास योजनाओं का जिक्र करते हुए रजनी तिवारी ने कहा कि इन पहलों से महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आया है।
मंत्री ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं और अब संसद एवं विधानसभाओं में भी उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान सर्वोपरि रहा है और 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता' की परंपरा को आगे बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पहले से अधिक जागरूक हैं और सरकार की योजनाएं उनके सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही हैं।
--आईएएनएस
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