उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ कोतवाली के एसएचओ की गैर इरादतन हत्या में दोषी को 10 साल का कठोर कारावास

उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ कोतवाली के एसएचओ की गैर इरादतन हत्या में दोषी को 10 साल का कठोर कारावास

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। लखनऊ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने 2015 में प्रतापगढ़ थाना कोतवाली (उत्तर प्रदेश) के एसएचओ इंस्पेक्टर अनिल कुमार की गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी जीशान खान को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 9,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने मुकदमे की कार्यवाही के दौरान दर्ज किए गए सबूतों और जीशान के इकबालिया बयान की जांच करने के बाद 2 मई को अपना फैसला सुनाया।

यह मामला 19 नवंबर, 2015 का है, जब प्रतापगढ़ के होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप में इंस्पेक्टर अनिल कुमार मृत पाए गए थे। शुरुआत में कोतवाली सिटी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस किया गया था लेकिन 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने औपचारिक रूप से 29 जून, 2018 को जांच अपने हाथ में ले ली।

जांच पूरी करने के बाद एजेंसी ने दो आरोपियों-जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। अदालत ने 22 फरवरी, 2021 को मामले का संज्ञान लिया और 14 दिसंबर, 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान, जीशान खान ने 4 अप्रैल, 2026 को आरोपों को स्वीकार करते हुए एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद, 10 अप्रैल को उसके मामले को मुख्य कार्यवाही से अलग कर दिया गया और एक अलग केस दर्ज किया गया।

अपने फैसले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने कहा कि दोषसिद्धि "रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्य और आरोपी के इकबालिया बयान पर आधारित है। अदालत ने जीशान खान को 10 साल की कैद की सजा सुनाई और करीब 10 साल से अधिक समय से न्यायिक जांच के दायरे में चल रहे इस मामले का आंशिक रूप से निपटारा हो गया। सह आरोपी के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही अभी जारी है।

--आईएएनएस

वीसी

Related posts

Loading...

More from author

Loading...