लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वित्तीय समावेशन को तेज रफ्तार देने के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाएं सुनिश्चित करें।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में उन्होंने किसानों और उद्यमियों को सुलभ व समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने, प्राथमिकता क्षेत्र की योजनाओं का विस्तार करने और डिजिटल फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में आयोजित एसएलबीसी की बैठक में प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, वित्तीय समावेशन को मजबूती देने और आर्थिक विकास को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि बैंकिंग तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाना समय की जरूरत है, ताकि हर वर्ग, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं सुगमता से पहुंच सकें। उन्होंने बैंकों से अपील की कि वित्तीय समावेशन को केवल औपचारिक लक्ष्य न मानते हुए इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका निर्णायक है। इसके लिए बैंकों को सीएम युवा योजना, ओडीओपी, पीएम सूर्यघर, पीएम कुसुम और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में अपना कवरेज बढ़ाना होगा और लाभार्थियों तक समयबद्ध वित्तीय सहायता पहुंचानी होगी।
कृषि प्रधान राज्य होने के कारण उन्होंने किसानों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि उन्हें आसान और त्वरित ऋण उपलब्ध कराना बैंकों की जिम्मेदारी है। साथ ही, उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) योजना के तहत स्थानीय व्यंजनों से जुड़े उद्यमियों को भी शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि कई औद्योगिक इकाइयों के बैंक खाते प्रदेश से बाहर संचालित हो रहे हैं, जिससे सीडी रेशियो प्रभावित हो रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उद्यमियों के ऋण खाते प्रदेश के भीतर ही खोले जाएं। उन्होंने प्राथमिकता क्षेत्र की ऋण फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित या अस्वीकृत न करने के निर्देश देते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करने को कहा।
डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्य सचिव ने बैंकों को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लाल सिंह ने वर्ष 2026-27 के बजट को समावेशी विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने बैंकों से ‘क्रेडिट प्लस’ दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऋण वितरण के साथ उसके प्रभावी उपयोग और परिणामों की निगरानी भी जरूरी है। उन्होंने एमएसएमई, स्टार्टअप, कृषि और स्वरोजगार क्षेत्रों में वित्तीय सहायता के साथ मार्गदर्शन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया, ताकि रोजगार सृजन को गति मिल सके।
--आईएएनएस
