Uttar Pradesh Electricity : वाराणसी में बिजली व्यवस्था पर सख्ती, ऊर्जा मंत्री बोले- ट्रिपिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

वाराणसी में बिजली व्यवस्था सुधार पर बड़ा कदम, ऊर्जा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी में बिजली व्यवस्था पर सख्ती, ऊर्जा मंत्री बोले- ट्रिपिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार सरकार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में वाराणसी दौरे पर ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शनिवार को सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने दो अत्याधुनिक ‘24×7 वैन’ का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्‍होंने विद्युत आपूर्ति को लेकर कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री ने विद्युत ट्रिपिंग को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है। इसे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए भी कहा है।

ऊर्जा मंत्री ने अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समीक्षा बैठक में मंत्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं, जिससे आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके साथ ही बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी नहीं काटा जाएगा। साथ ही 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की रियायत प्रदान की जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने निर्देशित किया कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पूर्व अनिवार्य रूप से 5 चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजे जाएं। इसके अतिरिक्त रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस की स्थिति में भी विद्युत आपूर्ति बाधित न की जाए।

उन्‍होंने अधिकारियों को इन प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

बैठक के दौरान मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वाराणसी जिले के उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा मंत्री ने शनिवार को शहर में दो अत्याधुनिक '24×7 वैन' का उद्घाटन भी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्युत फॉल्ट सुधार में लगने वाले समय को न्यूनतम करना है। इन दोनों विशेष वाहनों को हर प्रकार की तकनीकी चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरणों (सेफ्टी इक्यूपमेंट) और आवश्यक टी एंड पी किट से सुसज्जित किया गया है।

वाराणसी में सही मायनों में 24×7 (24 घंटे) सेवाएं देने के लिए, इन वाहनों पर तैनात कर्मचारियों की टीम प्रतिदिन 8-8 घंटे की 3 शिफ्टों में कार्य करेगी। प्रत्येक शिफ्ट में सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर सहित कुशल कर्मचारियों की टीम तत्पर रहेगी। हाई टेंशन (एचटी) लाइनों का मेंटेनेंस, ब्रेकडाउन सुधार और आवश्यकता पड़ने पर ट्रांसफॉर्मर व क्रॉस आर्म को तुरंत बदलना।

अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से भूमिगत केबलों में आए फॉल्ट का त्वरित पता लगाना। साथ ही, जर्जर व खराब एबी केबल और क्षतिग्रस्त कंडक्टर को समय पर बदलना। प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना के कारण टूटे या झुके हुए खम्भों को सीधा करना या उन्हें तत्काल बदलना।

ओवरहेड लाइनों को सुरक्षित और बाधा मुक्त रखने के लिए पेड़ों की डालियों की छंटाई करना, ताकि शॉर्ट-सर्किट का खतरा न रहे। केवल ब्रेकडाउन ही नहीं, बल्कि विद्युत लाइनों का नियमित सर्वे कर संभावित फॉल्ट्स को पहले ही दूर करना। किसी भी क्षेत्र में बिजली बाधित होने पर तुरंत मौके पर पहुंचना और फॉल्ट को दूर कर जल्द से जल्द सप्लाई बहाल करना।

उद्घाटन के अवसर पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। वाराणसी में इन बहुउद्देशीय आपातकालीन वाहनों के संचालन और नियमित लाइन सर्वे जैसी प्रो-एक्टिव कार्यप्रणाली से न केवल विद्युत लाइनों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को बिजली कटौती की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।

--आईएएनएस

 

 

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