'फ्यूल सेविंग': त्रिपुरा सरकार ने कार्यालयों के लिए दो दिन का सप्ताहिक घोषित किया

ईंधन बचत के लिए त्रिपुरा सरकार ने सरकारी दफ्तरों के समय और कार्यदिवसों में बदलाव किए
'फ्यूल सेविंग': त्रिपुरा सरकार ने कार्यालयों के लिए दो दिन का सप्ताहिक घोषित किया

अगरतला: ईंधन बचाने और खर्च पर नियंत्रण के उपाय लागू करने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार ने सोमवार को कई पहलों की घोषणा की, जिनमें अब से सभी सरकारी कार्यालय हर शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे।

कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालय हर शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे।

पहले राज्य में सरकारी कार्यालय केवल हर रविवार और महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते थे।

मंत्री ने कहा कि कार्यदिवसों में कार्यालय का समय अब 10 बजे की बजाय ​​सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। सामान्य प्रशासनिक विभाग के एक आधिकारिक आदेश में कहा गया कि इन उपायों से ऊर्जा बचत के सख्त उपायों के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में बिजली और ईंधन की खपत कम होगी।

मंत्री चौधरी ने यह भी घोषणा की कि 'ग्रुप सी' और 'ग्रुप डी' कर्मचारियों के लिए हाल ही में शुरू की गई रोस्टर प्रणाली को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, सभी सरकारी कर्मचारियों को अब प्रत्येक कार्यदिवस पर नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होना होगा।

इस महीने की शुरुआत में त्रिपुरा सरकार ने ईंधन की बचत के उपायों के तहत ग्रुप सी और ग्रुप डी के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया था।

यह सरकारी आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकों और संस्थानों से ईंधन बचाने और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने की हालिया अपील के बाद आया है।

पर्यटन मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे मंत्री ने आगे कहा कि वित्त विभाग के अंतर्गत लघु बचत निरीक्षक के पांच पदों पर त्रिपुरा लोक सेवा आयोग (टीपीएससी) के माध्यम से भर्ती की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि मध्य पूर्व की हालिया स्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील को देखते हुए, राज्य सरकार ने पहले ही कई व्यय नियंत्रण उपाय शुरू कर दिए हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

 

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