Thirumavalavan Statement : सीमित चुनावी दायरे पर थोल. थिरुमावलवन ने जताई चिंता, कहा- 25 साल बाद भी वीसीके सीटों के लिए संघर्ष कर रही

वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन बोले- 25 साल बाद भी चुनावी अवसरों की कमी
सीमित चुनावी दायरे पर थोल. थिरुमावलवन ने जताई चिंता, कहा- 25 साल बाद भी वीसीके सीटों के लिए संघर्ष कर रही

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) पार्टी के नेता और सांसद थोल. थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 25 साल की राजनीतिक यात्रा के बावजूद पार्टी को आज भी पर्याप्त चुनावी अवसर हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "25 साल बाद भी यह राजनीतिक मैदान हमारे लिए नया जैसा लगता है। हम पूरी तरह से इसके अनुरूप ढल नहीं पाए हैं और सामाजिक माहौल भी हमारे पक्ष में नहीं रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि उनकी पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे।

थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "आज भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो नहीं चाहता कि हम मजबूत बनें या निर्णायक भूमिका में आएं। हमारे विकास के लिए प्रोत्साहन और समर्थन की कमी है।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद वीसीके ने तमिलनाडु की राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है और धीरे-धीरे एक अहम राजनीतिक ताकत के रूप में उभर रही है।

थिरुमावलवन ने पार्टी के अंदरूनी मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि गठबंधन की राजनीति में सीटों का बंटवारा एक बड़ी चुनौती है। डीएमके-नीत गठबंधन में 20 से ज्यादा पार्टियां शामिल हैं, उसमें वीसीके को सीमित सीटें ही मिल पाती हैं।

उन्होंने कहा, "जब हमें 10 से भी कम सीटें मिलती हैं, तो टिकट के दावेदारों की लंबी कतार होती है, जिससे उम्मीदवार चयन में दबाव बढ़ जाता है।" थोल. थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि पार्टी सभी सीटों पर इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मंगाती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल आवेदन करना या इंटरव्यू देना टिकट की गारंटी नहीं है। अंतिम फैसला कई पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पीपुल्स वेलफेयर अलायंस के समय उन्हें ज्यादा सीटें मिलने के कारण उम्मीदवार चुनने में अधिक स्वतंत्रता थी।

'बाहरी उम्मीदवार' को लेकर उठने वाली आलोचनाओं को भी उन्होंने खारिज किया और कहा कि पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे और 6 में से 4 सीटों पर जीत भी हासिल की।

थिरुमावलवन ने पार्टी में अनुशासन और स्वायत्त निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और फंड जुटाने का तरीका काफी संगठित है।

थोल. थिरुमावलवन ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वीसीके लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और अपने राजनीतिक विस्तार के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

--आईएएनएस

 

 

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