दिल्ली होटल व मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर कांग्रेस का तीखा हमला, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

दिल्ली होटल व मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर कांग्रेस का तीखा हमला, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल और बिहार के मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने प्रतिक्रिया दी। दोनों घटनाओं को बेहद दुखद बताते हुए कांग्रेस सांसद ने उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में आग लगने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज कुमार ने कहा कि 21 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद अब खुली है। उन्होंने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हुई।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि दिल्ली की घटना में 21 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कई लोग अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस घटना को प्रमुखता से दिखा रहा है, जिससे देश की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। सवाल यह है कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जांच पहले क्यों नहीं हुई? व्यवस्था और प्रशासन दोनों पूरी तरह फेल हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते निगरानी और जांच होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है और सरकार को इस पर जवाब देना होगा।

मनोज कुमार ने होटल के लाइसेंस को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार होटल को केवल छह कमरों का लाइसेंस मिला था, जबकि वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ होटल मालिक ही नहीं, बल्कि संबंधित सरकारी विभागों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि लाइसेंस छह कमरों का था तो 25 कमरे कैसे चल रहे थे? यह सवाल सीधे सरकार और प्रशासन पर खड़ा होता है। होटल संचालकों का कहना है कि छोटे-छोटे लाइसेंस के लिए भी बड़े पैमाने पर पैसे लिए जाते हैं। ऐसे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं, बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अस्पताल में आग लगने की घटना पर कांग्रेस सांसद ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मैं मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि पीड़ित परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे। खबर है कि चार लोगों की मौत हो गई है और कुछ लोग अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

मनोज कुमार ने कहा कि अस्पतालों को लाइसेंस जारी करते समय सुरक्षा मानकों और आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अपने परिजनों के इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, उन्होंने वहीं अपने प्रियजनों को खो दिया। यह बेहद पीड़ादायक स्थिति है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि शॉर्ट सर्किट आखिर क्यों हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

कांग्रेस सांसद ने दोनों घटनाओं की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके