भोपाल, 4 जून (आईएएनएस)। नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का फैसला किया है।
राज्य सरकार अब फायर सेफ्टी नियमों को और सख्त करेगी तथा प्रस्तावित कानून को केंद्र सरकार के 'मॉडल एक्ट' के अनुरूप तैयार करेगी। इसके साथ ही नई कॉलोनियों के नियमन के लिए भी एक नया कानून लाने की तैयारी की जा रही है।
गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्य प्रदेश फायर फाइटिंग एंड इमरजेंसी सर्विसेज बिल-2026 और मध्य प्रदेश कॉलोनी एक्ट-2026 के प्रारूप की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को बैठक में दिए गए सुझावों को शामिल कर दोनों विधेयकों का संशोधित मसौदा अगले सप्ताह फिर से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फायर बिल को केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि पूरे देश में अग्नि सुरक्षा के मानकों में एकरूपता बनी रहे और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश में बड़े भवनों, औद्योगिक परियोजनाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। ऐसे में राज्य को अत्याधुनिक उपकरणों, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन से लैस करना जरूरी है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में फायर सेफ्टी अधिकारियों और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के मानक तय करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन करने और उन्हें ध्यान में रखकर व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी भवनों में आपातकालीन निकास मार्ग (एग्जिट प्लान) और पाइपलाइन लेआउट का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
फायर सेवाओं को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए 'फायर टैक्स' लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। मंत्री ने राज्य के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में मौजूद फायर स्टेशनों, दमकल वाहनों और कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
बैठक में मध्य प्रदेश कॉलोनी एक्ट-2026 के मसौदे पर भी चर्चा हुई। इसमें कॉलोनियों का पंजीकरण, विकास की अनुमति, नियम उल्लंघन पर दंड और अवैध एवं अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। विजयवर्गीय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
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