हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय और तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (टीएसएलएसए) द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत में राज्यभर में 74,000 से अधिक लंबित मामलों का निपटारा किया गया। यह विशेष लोक अदालत पक्षों के बीच आपसी सहमति से मामलों के निपटारे के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
तेलंगाना पुलिस ने सुलह योग्य मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षों को नोटिस भेजे थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) चारू सिन्हा ने रविवार को बताया कि यह निपटान प्रक्रिया 27 अक्टूबर से शुरू होकर शनिवार को सम्पन्न हुई, जिसमें कुल 74,782 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
इनमें 14,642 एफआईआर मामलों का सुलह के जरिए निपटारा हुआ। निपटाए गए मामलों में 154 आपदा प्रबंधन से जुड़े मामले, 23,400 ई-पेटी मामले, 31,189 मोटर व्हीकल एक्ट के मामले और 5,397 साइबर अपराध संबंधी मामले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि राज्यभर की सभी पुलिस इकाइयों ने लंबित सुलह योग्य मामलों के निपटारे में अच्छा प्रदर्शन किया। सर्वाधिक मामलों का निपटारा करने वाली शीर्ष पांच इकाइयां हैं, जिनमें हैदराबाद (11,226 मामले), रामागुंडम (8,108), नलगोंडा (6,410), खम्मम (6,090) और वारंगल (5,064) शामिल हैं।
विशेष लोक अदालत जनता को आपसी सहमति से मामलों को हल करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करती है, जिससे अदालतों में पेशी का बोझ घटता है, समय और धन की बचत होती है तथा दोनों पक्षों को मानसिक शांति मिलती है। पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारियों ने जनता को इसके लाभों के बारे में जागरूक भी किया।
इस पहल से राज्य में लंबित जांचाधीन और विचाराधीन सुलह योग्य मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। एडीजी ने बताया कि इस सफलता के पीछे टीएसएलएसए, जिला न्यायाधीशों, मजिस्ट्रेटों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो के बीच बेहतरीन समन्वय रहा।