Telangana Government : तेलंगाना सरकार की रमजान छूट के विरोध में अयोध्या के संत, हिंदुओं से भेदभाव का लगाया आरोप

हिंदू संतों ने मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छूट देने के फैसले की आलोचना की।
तेलंगाना सरकार की रमजान छूट के विरोध में अयोध्या के संत, हिंदुओं से भेदभाव का लगाया आरोप

अयोध्या: भारत में रमजान का पवित्र महीना 19 फरवरी से शुरू होगा, जिसको लेकर तेलंगाना सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को 1 घंटे पहले ऑफिस से जाने की अनुमति देने का फैसला किया है। अयोध्या के संतों ने भी तेलंगाना सरकार के इस फैसले को हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार बताया है।

तेलंगाना सरकार का कहना है कि नमाज पढ़ने के लिए एक घंटे पहले जाने की अनुमति सभी सरकारी मुसलमान कर्मचारियों को मिलेगी। सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है और खास रियायत को धर्म-विरोधी और भेदभाव करने वाला बताया जा रहा है।

सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के देवेशाचार्य महाराज ने कहा, "यह फैसला हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार है। मुस्लिमों को खास छूट देकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। वहां की सरकार मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए ऐसे फैसले ले रही है।" उन्होंने तेलंगाना सरकार से सवाल किया, "क्या ये हिंदुओं के साथ भी ऐसा करेंगे? नहीं करेंगे। नवरात्रि से लेकर सावन तक हिंदुओं के कई त्योहार आते हैं। सरकार किसी त्योहार पर कोई छुट्टी या छूट नहीं देगी, उल्टा छुट्टी को रद्द करने का काम करेगी।" कुछ महीनों पहले ही तेलंगाना ने हिंदू त्योहारों की कुछ छुट्टियां रद्द कर दी थीं। यह फैसला निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।

साकेत भवन मंदिर के अयोध्या धाम महंत सीताराम दास ने कहा, "तेलंगाना सरकार का ये फैसला तुष्टीकरण की राजनीति को दिखाता है, जो बहुत निंदनीय है। सनातन धर्म के जब त्योहार आते हैं तो ये कुठाराघात करते हैं, लेकिन एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए और वोट बैंक की राजनीति के लिए सारी हदें पार कर देते हैं। हमारा सवाल है कि क्या 4 बजे के बाद सरकारी दफ्तर में काम बंद हो जाता है क्या? ये बहुत दुखद है क्योंकि सनातन धर्म के त्योहारों के लिए ये लोग ऐसा कुछ नहीं करते हैं, लेकिन एक विशेष वर्ग के लिए उनके मन में बहुत सारा प्यार उमड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "ऐसी गंदी राजनीति करने वाले लोगों को सबक सिखाना बहुत जरूरी है क्योंकि ये हमारे समाज को कमतर और नीचा दिखाने वाला फैसला है, जिसे वहां की सरकार को वापस लेना चाहिए।"

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...