Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु में टीवीके को समर्थन देने के फैसले का कांग्रेस सांसद ने किया बचाव

तमिलनाडु में कांग्रेस का TVK समर्थन, DMK से अलगाव पर ज्योतिमणि का बयान
तमिलनाडु में टीवीके को समर्थन देने के फैसले का कांग्रेस सांसद ने किया बचाव

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस की करूर सांसद ज्योतिमणि ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के नेतृत्व वाले सरकार गठन प्रयासों को समर्थन देने के फैसले का जोरदार बचाव किया है। साथ ही उन्होंने द्रमुक के साथ सम्मानजनक राजनीतिक अलगाव की अपील की है।

बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक विस्तृत पोस्ट में ज्योतिमणि ने कहा कि कांग्रेस का द्रमुक के साथ लंबे समय से गठबंधन रहा है और राजनीतिक गठबंधनों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक होते हैं।

उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर समय-समय पर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सर्वसम्मति से तमिलनाडु के “हित और भविष्य” को ध्यान में रखकर टीवीके के साथ जाने का फैसला किया है।

राज्य में गठबंधनों के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने कांग्रेस से अपना गठबंधन तोड़ लिया था, जिसके चलते कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ना पड़ा था।

इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस समय डीएमके पर तीखे हमले नहीं किए और इसे एक राजनीतिक निर्णय के रूप में स्वीकार किया।

ज्योतिमणि ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस को नया राजनीतिक रुख अपनाना पड़ा है और दोनों दलों को आपसी सम्मान के साथ अलग होना चाहिए। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचने की अपील की।

कांग्रेस नेता ने चुनावी हार के बाद डीएमके समर्थकों द्वारा कांग्रेस पर किए जा रहे तीखे हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि डीएमके को बड़ा चुनावी झटका लगा है और यहां तक कि “सम्मानित मुख्यमंत्री” एम.के. स्टालिन को भी हार का सामना करना पड़ा है, ऐसे में पूर्व सहयोगी दल पर तीखी टिप्पणी करना राजनीतिक रूप से उचित नहीं है और यह कांग्रेस की संस्कृति के खिलाफ है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए ज्योतिमणि ने कहा कि उनके नेतृत्व को लेकर पार्टी को किसी से “योग्यता प्रमाणपत्र” की जरूरत नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को ऐसा एकमात्र राष्ट्रीय नेता बताया जो भाजपा के “फासीवादी शासन” का बिना समझौता किए मुकाबला कर सकता है और उसे हरा सकता है। साथ ही चेतावनी दी कि कांग्रेस उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि राजनीतिक पुनर्संरेखण लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है और विश्वास जताया कि कांग्रेस तमिलनाडु के हितों और भविष्य की रक्षा के उद्देश्य के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेगी।

--आईएएनएस

 

 

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