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थूथुकुडी, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनजर थूथुकुडी जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी विशु महाजन ने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के सख्त प्रवर्तन के तहत सभी राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पूर्व प्रमाणीकरण अनिवार्य करने वाली एक विस्तृत सलाह जारी की है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा जारी किए गए सभी चुनाव संबंधी विज्ञापनों की जांच और अनुमोदन के लिए एक मीडिया प्रमाणीकरण और निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है।
इस कदम का उद्देश्य चुनाव प्रचार अवधि के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करना, गलत सूचनाओं को रोकना और सभी के लिए समान अवसर बनाए रखना है।
कलेक्टर ने कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन या प्रसारण से पहले एमसीएमसी से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है।
इसमें टेलीविजन चैनलों, केबल नेटवर्क, एफएम रेडियो, सिनेमाघरों, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, बल्क एसएमएस अभियान और स्वचालित वॉइस कॉल पर विज्ञापन शामिल हैं। यह नियम फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन वेबसाइट प्रचार पर भी लागू होता है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को विज्ञापन जारी करने के लिए कम से कम तीन दिन पहले आवेदन करना आवश्यक है, जबकि स्वतंत्र उम्मीदवारों और गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों को विज्ञापन जारी होने से सात दिन पहले आवेदन करना होगा। हालांकि, नियमित चुनाव प्रचार के दिनों में समाचार पत्रों में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन इन पर होने वाला खर्च उम्मीदवार के चुनाव व्यय रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के दौरान और भी सख्त नियम लागू होंगे। 22 और 23 अप्रैल को (मतदान से 48 घंटे के भीतर) समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए, एमसीएमसी से पूर्व अनुमोदन अनिवार्य है, और आवेदन कम से कम 48 घंटे पहले जमा किए जाने चाहिए।
आवेदकों को थूथुकुडी जिला कलेक्टर कार्यालय के भूतल पर स्थित एमसीएमसी कार्यालय में अपना आवेदन जमा करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों में विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र, विज्ञापन की एक नमूना प्रति (सीडी, पेन ड्राइव या प्रिंट प्रारूप में), विज्ञापन की स्क्रिप्ट के साथ लागत अनुमान और यह पुष्टि करने वाला एक घोषणापत्र शामिल है कि सामग्री किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करती है या कॉपीराइट का अतिक्रमण नहीं करती है।
उल्लंघनों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्व अनुमति के बिना विज्ञापन प्रकाशित करना या सोशल मीडिया पर मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करना चुनाव नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित खर्च उम्मीदवार के आधिकारिक चुनाव खाते में जोड़ दिया जाएगा।
राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से आग्रह किया गया है कि वे इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग करें।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम