टीएमसी में घमासान के बीच ममता के साथ खड़े हुए बाबुल सुप्रियो, बोले- 'दीदी का साथ नहीं छोड़ूंगा'

टीएमसी में घमासान के बीच ममता के साथ खड़े हुए बाबुल सुप्रियो, बोले- 'दीदी का साथ नहीं छोड़ूंगा'

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी हलचल के बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के प्रति अटूट समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, वह हमेशा "दीदी" के साथ खड़े रहेंगे।

गायक से राजनेता बने बाबुल सुप्रियो ने अपने पोस्ट में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो कभी पार्टी नेतृत्व को खुश करने के लिए हरसंभव कोशिश करते थे, लेकिन अब सत्ता के लालच में पार्टी को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उन लोगों के विश्वासघात का दर्द झेल रही हैं, जो कभी मंत्री पद पाने के लिए भी सक्रिय रूप से लॉबिंग करते थे।

बाबुल ने लिखा, "आज चाहे जो भी हालात हों, मैं दीदी के साथ हूं। सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के बावजूद मैं राज्यसभा सांसद के रूप में बंगाल के लिए अपनी क्षमता के अनुसार काम करता रहूंगा।"

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जीवन में कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या आयकर विभाग से कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा, "मैंने कभी कोई गलत काम नहीं किया, इसलिए मुझे किसी जांच एजेंसी का भय नहीं है और मैं ईमानदारी से कर अदा करता हूं।"

अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर का जिक्र करते हुए बाबुल सुप्रियो ने बताया कि 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की सुरक्षित नौकरी छोड़कर संगीत की अनिश्चित दुनिया को चुना था। उन्होंने कहा कि वह पिछला चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, क्योंकि वह फिर से गायन की दुनिया में लौटना चाहते थे।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में भाजपा में उनके साथ अन्यायपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी और सांसद पद दोनों से इस्तीफा देने का फैसला किया था। बाबुल के अनुसार, वह मुंबई लौटकर संगीत करियर को दोबारा शुरू करने की तैयारी में थे, लेकिन दिल्ली छोड़ने से दो दिन पहले उनके पुराने मित्र और टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन उनसे मिलने पहुंचे और उन्हें तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर जनता के लिए काम करने का आग्रह किया।

बाबुल ने बताया कि इसी आग्रह पर उन्होंने 3 जून 2021 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस्तीफा सौंपने के बाद तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा छोड़ने के बावजूद पार्टी के अधिकांश शीर्ष नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध आज भी सौहार्दपूर्ण हैं, हालांकि दो नेताओं को उन्होंने इसका अपवाद बताया।

अपने पोस्ट में बाबुल सुप्रियो ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दोनों की जन्मतिथि 15 दिसंबर 1970 है। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठते हुए उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और सभी विपक्षी दलों के नेताओं को प्रशासनिक बैठक में आमंत्रित करने की उनकी पहल की सराहना भी की।

पोस्ट के अंत में बाबुल ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि वह फिलहाल किसी को इस पोस्ट पर टिप्पणी करने का मौका नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय के लिए वह अपने मोबाइल फोन से फेसबुक ऐप भी हटा रहे हैं और उनकी टीम केवल उनके गीतों से जुड़ी जानकारी ही साझा करेगी।

--आईएएनएस

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