Women Reservation Bill India : महिला आरक्षण विधेयक ऐतिहासिक कदम, खेल और राजनीति में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी: सुनीता गोदारा

महिला आरक्षण से राजनीति और खेलों में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी: सुनीता गोदारा
महिला आरक्षण विधेयक ऐतिहासिक कदम, खेल और राजनीति में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी: सुनीता गोदारा

नई दिल्ली: नौसेना की पूर्व भारतीय मैराथन धावक और स्पोर्ट एक्टिविस्ट सुनीता गोदारा महिला ने आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है।

सुनीता गोदारा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यदि महिला आरक्षण विधेयक अगर पारित हो जाता है, तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा। समस्या यह है कि जब कोई विधेयक संसद में पेश किया जाता है, तो सभी दलों की सहमति जरूरी होती है। मुझे उम्मीद है कि सभी दल सहमत होंगे और इस विधेयक को पारित करेंगे, क्योंकि इससे महिलाओं को शक्ति मिलेगी। महिलाओं की बात अधिक सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं का बेहतर समाधान होगा।"

गोदारा ने कहा, "अब महिलाएं खेलों में धुरंधर हैं। इस बिल के पास होने से महिलाओं की राजनीति में हिस्सेदारी बढ़ेगी। जब अधिक महिलाएं, महिला खिलाड़ी, राजनीति में होंगी तो जाहिर है कि वे खेलों के बारे में सोचेंगी और वे इसकी बारीकियों, समस्याओं और फायदों को जानती हैं। इससे खेलों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यही मेरी इच्छा और सोच है। देखते हैं क्या होता है, लेकिन अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा।"

सुनीता गोदारा ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "अगर आप 33 फीसदी आरक्षण ला रहे हैं तो वास्तव में स्त्री शक्ति और स्त्री वंदन कर रहे हैं। यह एक अच्छा क्षण होगा।"

16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। इस बिल को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया था।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी

 

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