Sunil Jakhar Statement : पंजाब में 'आप' सरकार ने भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बनाए : सुनील जाखड़

अशोक मित्तल पर ईडी छापे के बीच सुनील जाखड़ का मान सरकार पर तीखा हमला
पंजाब में 'आप' सरकार ने भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बनाए : सुनील जाखड़

चंडीगढ़: पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भगवंत मान की आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश मान सरकार ने भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बनाए हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान उस वक्त आया है जब आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के आवास और लवली इंस्टीट्यूट पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का मामला सामने आया है।

चंडीगढ़ में आईएएनएस से बातचीत में पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने ईडी की रेड को सही ठहराते हुए इसे शिक्षा घोटाले से जोड़कर देखा है। उन्होंने कहा कि अशोक मित्तल न केवल राज्यसभा सदस्य हैं बल्कि लवली यूनिवर्सिटी के मालिक भी हैं, इसलिए इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

जाखड़ ने बताया कि 8 और 9 अप्रैल को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने एससीबीसी पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप में लगभग 230 करोड़ रुपए के कथित घोटाले पर कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि पिछले चार वर्षों में इस मामले में न तो शुरुआती जांच हुई और न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है, तो उसे सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए और यह कदम उन गरीब छात्रों के हित में है, जिन्हें शिक्षा से वंचित किया गया। जाखड़ ने भीमराव अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो का संदेश आज भी प्रासंगिक है।

पंजाब सरकार पर तंज कसते हुए जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले में कोई ठोस जांच नहीं करवाई। उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच मिलीभगत के संकेत मिलते हैं।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय भी ईडी की कार्रवाई हुई थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने उस मामले की भी गंभीरता से जांच नहीं की।

जाखड़ ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा, नौकरियों और प्रशासनिक नियुक्तियों में अनियमितताएं चरम पर हैं। पंजाब में भारी संख्या में पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार उन्हें भरने में विफल रही है।

पानी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीकी नहीं बल्कि पंजाब के लिए भावनात्मक विषय है। इसलिए इससे जुड़े हर फैसले में राज्य सरकार की सक्रिय और भरोसेमंद भागीदारी जरूरी है।

--आईएएनएस

 

 

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