Punjab BJP President : केजरीवाल पर भड़के पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, बोले-पंजाब को बंगाल नहीं बनने दिया जाएगा

भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ और मारपीट मामले को लेकर पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने साधा निशाना
केजरीवाल पर भड़के पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, बोले-पंजाब को बंगाल नहीं बनने दिया जाएगा

चंडीगढ़: पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अरविंद केजरीवाल जी! ध्यान से सुन लीजिए, "पंजाब को ममता का बंगाल नहीं बनने दिया जाएगा।"

सुनील जाखड़ ने लिखा कि प्रदर्शन के नाम पर बलाचौर (नवांशहर) में अकाली दल से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए आपके विधायक सुखविंदर सुखी ने पुलिस की मौजूदगी में भाजपा के दफ्तर में घुसकर भाजपा के जिला अध्यक्ष के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की। अरविंद केजरीवाल ने विधायक को आम आदमी पार्टी में शामिल कराकर लूट करने का लाइसेंस तो दे ही दिया था लेकिन क्या लोगों को पीटने का लाइसेंस भी दे दिया है?

उन्होंने लिखा कि लुधियाना समेत कुछ अन्य स्थानों से भी ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। अरविंद केजरीवाल जी, पंजाबी सब देख रहे हैं। आप चाहे जितने मर्जी ड्रामे कर लें, पंजाब को लूटने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो अभी पर्दे के पीछे छिपे हुए हैं। पंजाब पुलिस बिना देरी किए इस गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कदम उठाए।

बता दें कि एक दिन पहले 9 मई को सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ईडी संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि तथाकथित कट्टर ईमानदार सरकार भ्रष्टाचार की सरपरस्ती कर रही है। उन्होंने एक बयान में कहा था कि ईडी की छापेमारी का मामला केवल अमन अरोड़ा या संजीव अरोड़ा तक सीमित नहीं है। असली मुद्दा भ्रष्ट तरीकों से भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तैयार कर किसानों की जमीन हड़पने का है।

सुनील जाखड़ ने कहा था कि मोहाली मामले में अमन अरोड़ा के करीबी लोगों की ओर से सनटेक सिटी मोहाली में 30 एकड़ जमीन से जुड़े लगभग 170 करोड़ रुपए के मामले में गड़बड़ी की गई, जबकि लुधियाना में संजीव अरोड़ा की फर्म हैम्पटन स्काई रियल्टी की ओर से लगभग 40 एकड़ जमीन को फर्जी सीएलयू के माध्यम से गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

जाखड़ ने आरोप लगाया था कि जिस जमीन को उद्योग लगाने के लिए सरकार ने किसानों से बेहद कम कीमत पर लिया था, उसी जमीन का इस्तेमाल अवैध कॉलोनियां काटने के लिए किया गया। उन्होंने कहा था कि अगर वहां उद्योग स्थापित नहीं हुआ, तो वह जमीन किसानों को वापस मिलनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उस जमीन से करोड़ों रुपए कमाए गए।

--आईएएनएस

 

 

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