Sukanta Majumdar : सुकांत मजूमदार ने की सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले की निंदा, बोले-बंगाल में लोकतंत्र खत्म

सुवेंदु अधिकारी पर हमले के बाद ममता बनर्जी पर बरसे सुकांत मजूमदार
सुकांत मजूमदार ने की सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले की निंदा, बोले-बंगाल में लोकतंत्र खत्म

कोलकाता: केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है।

मजूमदार के अनुसार, नंदीग्राम के विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर चंद्रकोना रोड में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के हथियारबंद कार्यकर्ताओं ने हमला किया।

डॉ. सुकांत मजूमदार ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का पूरी तरह से पतन अब बहस का मुद्दा नहीं रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाकाम और तानाशाह शासन में हर दिन इसे खुलेआम दिखाया जा रहा है, जिसमें उनका पूरी तरह से पक्षपाती, अक्षम और रीढ़विहीन पुलिस प्रशासन उनका साथ दे रहा है।

उन्होंने कहा, "शनिवार सुबह नंदीग्राम के विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर एक हिंसक और सोची-समझी हमले का शिकार हुए। पुरुलिया में एक पहले से तय राजनीतिक कार्यक्रम से लौटते समय चंद्रकोना रोड इलाके में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के हथियारबंद गुंडों ने उनके काफिले पर बेरहमी से हमला किया।"

उन्होंने कहा, "इस घटना को और भी शर्मनाक यह बात बनाती है कि यह हमला पश्चिम बंगाल पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम हुआ है। बांस की लाठियों, डंडों और लोहे की छड़ों से लैस टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी पर बेरहमी से हमला किया, जबकि राज्य पुलिस खड़ी होकर देखती रही। हमलावरों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। उनकी सुरक्षा के लिए तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप के कारण ही विपक्ष के नेता को बचाया जा सका और सुरक्षित निकाला जा सका।"

डॉ. सुकांत मजूमदार ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा, "मैं तृणमूल के गुंडा ब्रिगेड द्वारा पुलिस को जानबूझकर निष्क्रिय करके किए गए इस काम के लिए राज्य की ओर से प्रायोजित हमले की कड़ी निंदा करता हूं। कुछ ही दिन पहले सत्तारूढ़ पार्टी ने उत्तर बंगाल में भाजपा के सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को खत्म करने की साजिश रची थी।"

जिस राज्य में विपक्ष के नेता, चुने हुए प्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं, वहां लोकतंत्र के भविष्य के बारे में कोई भ्रम नहीं रह सकता। पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र न केवल कमजोर हुआ है, बल्कि उसका बेरहमी से गला घोंट दिया गया है। मैं नाकाम मुख्यमंत्री और उनकी चापलूस, अक्षम और नैतिक रूप से दिवालिया पुलिस मशीनरी की कड़ी निंदा करता हूं।

--आईएएनएस

 

 

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