मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन ने कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा निश्चित रूप से एक धार्मिक यात्रा है, लेकिन जब कांवड़ यात्रा में तेज आवाज वाले डीजे बजते हैं तो आसपास के लोगों को परेशानी होती है। कांवड़ यात्रा के दौरान जब यह डीजे बजते हुआ जाता है तो लोगों के मकानों में खिड़कियों की झनझनाहट होती है, जो दिल के मरीज होते हैं, वो कान बंद कर लेते हैं।
एस.टी. हसन ने उत्तर प्रदेश सरकार और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा कि डीजे की आवाज 60 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर यह नियम लागू हो तो कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कांवड़ यात्रा के लिए एक अलग सड़क बनानी चाहिए, जिसे 'कावड़ पथ' नाम दिया जाए। यह सड़क हरिद्वार से मुरादाबाद, बरेली और गढ़ तक जाए, ताकि कांवड़ियों को सुविधा हो और आम लोगों को असुविधा न हो। इससे न तो कांवड़ियों की श्रद्धा प्रभावित होगी और न ही जनता को परेशानी होगी। डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए, जैसा नियमों में निर्धारित है।
